जब पेड़ लगाओगे, तब जीवन सुरक्षित पाओगे की कहावत को चरितार्थ करने वाले प्रकृति के चितेरे प्रेमी विश्वेश्वर दत्त सकलानी अब पेड़ के रूप में जिंदा रहेंगे। सकलाना पट्टी में ताउम्र नि:स्वार्थ भाव से लाखों पेड़ लगाने की इबारत लिखने वाले वृक्ष मानव विश्वेश्वर दत्त की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए पुजार गांव स्थित वृक्ष वंशावली वन में उनकी याद में पेड़ लगाया जाएगा। इसी वृक्ष वंशावली वन में अभी तक सकलानी वंश के पुरखों की स्मृति में विश्वेश्वर सकलानी ने पेड़ लगाकर प्रकृति प्रेम की नई परंपरा की शुरूआत की थी।