मौसम विभाग ने देश के करीब एक दर्जन राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। ऐसा पहली हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की गई है।
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dust storm
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48 घंटों के लिए यह भयानक आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के कई राज्यों में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद कद दिया गया है। प्रशासन ने लोगों ने घर से बाहर न निकलने की अपील की है। इन दौरान आपको कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।
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आंधी और तूफान
- फोटो : अमर उजाला
यदि बहुत जरूरी हो तो ही यात्रा करें, आंधी आने पर गाड़ी को किसी सुरक्षित जगह पर खड़ी कर लें। तूफान में फंसने पर सबसे पहले किसी छत की तलाश करें। घर के अंदर हैं तो खिड़कियों से दूर रहें। बाहर हैं तो ऐसी जगह खड़े हों जहां आसपास लंबे पेड़, दीवार, बिजली का खंभा या धातु के उपकरण न हों।
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thunder storm
- फोटो : amar ujala
गाड़ी के अंदर रेडियो न चलाएं। रेडियो चलाने से आप आसमानी बिजली की चपेट में आ सकते हैं। खिड़कियां और दरवाजे अच्छी तरह बंद करने के बाद इनके आसपास कोई भारी सामान रख दीजिए। पिछले सप्ताह दो मई को आए तूफान ने भी भारी तबाही मचाई थी। जिसमें 124 लोगों की मौत हुई थी। 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 43 सबसे ज्यादा मौत आगरा जिले में हुई थीं। बिजली के हजारों खंभे राजस्थान में उखड़ गए थे।
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Hurricane
दुनिया में आए सबसे खतरनाक तूफान: 1737 में कलकत्ता और बांग्लादेश में हुगली रिवर तूफान की तबाही से करीब तीन लाख लोग मारे गए थे। बंदरगाहों पर खड़े 20 हजार जहाज बर्बाद हो गए थे। 8 नवंबर 1970 को बंगाल की खाड़ी से शुरू हुए भोला साइक्लोन ने 12 नवंबर को पूर्वी पाकिस्तान में कहर बरपाया। इसमें करीब 5 लाख लोगों की मौत हो गई थी।
1881 में वियतनाम में आए हैपोंग तूफान ने करीब 3 लाख लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया। आंध्र प्रदेश के र्कोंरगा में 25 नवंबर 1839 को आए र्कोंरगा च्रकवाती तूफान ने करीब 3 लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। एक नवंबर 1876 को बैकरगंज में आए तूफान में करीब 2 लाख लोग मारे गए।