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भारत के इस शिवालय में नहीं की जाती पूजा, श्रद्धालु भी बाहर से करते हैं दर्शन,अनोखी है इसकी कहानी

Tue, 06 Mar 2018 06:47 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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ek hathiya
हम आपको एक ऐसे शिवालय के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आज तक कभी पूजा ही नहीं हुई। बल्कि यहां अगर पूजा हुई तो परिणाम बुरा ही होगा।
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Ek Hathiya Deval Temple
जी हां, यह शिवालय है उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से तकरीबन 70 किलोमीटर दूर स्थित है थल कस्बे की ग्राम सभा बल्तिर में। इस मंदिर को शापित कहा जाता है। आगे जानिए क्यों?
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Ek Hathiya Deval Temple
इस मंदिर का नाम है 'एक हथिया देवाल'। खास बात यह है कि यह मंदिर एक ही चट्टान से बना है। उससे भी ज्यादा हैरानी इस बात की है कि यह एक ही रात में तैयार हुआ था।

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Ek Hathiya Deval Temple
कहा जाता है कि इस गाँव में एक मूर्तिकार था। एक बार किसी दुर्घटना में उसका एक हाथ कट गया। वह बहुत निराश हुआ पर हारा नहीं मानी। लेकिन गांव वालों ने उसका मजाक बनाया। इसलिए उसने एक दिन रात को छेनी, हथौड़ा लेकर दूसरे गांव आ गया।
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कहा जाता है कि, उसने एक चट्टान देखी और वहां रातों रात मंदिर खड़ा कर दिया। लेकिन तब यह ध्यान नहीं किया कि वह स्थान लोगों के शौच आदि के लिए था। इसके बाद वहां के पंडितों ने इस मंदिर को शापित बताया और पूजा वर्जित कर दी।
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मंदिर को देखने तो लोग दूर- दूर से पहुंचते हैं, परंतु पूजा-अर्चना निषेध होने के कारण केवल देख कर ही लौट जाते हैं। मंदिर के विरीत दिशा में होने के कारण यहां पूजा करने पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए पूजा नहीं करते हैं।
(अमर उजाला इस इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है। यह केवल मान्यताओं के आधार पर ही पेश किए गए हैं।)

 
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