ek hathiya
मंदिर को देखने तो लोग दूर- दूर से पहुंचते हैं, परंतु पूजा-अर्चना निषेध होने के कारण केवल देख कर ही लौट जाते हैं। मंदिर के विरीत दिशा में होने के कारण यहां पूजा करने पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए पूजा नहीं करते हैं।
(अमर उजाला इस इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है। यह केवल मान्यताओं के आधार पर ही पेश किए गए हैं।)