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दुनिया को चौंका रही है इस झील की गहराई, तस्वीरों में आप भी देखिए...

Sat, 23 Dec 2017 08:16 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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roopkund lake - फोटो : images.thrillophilia.com
इस झील की गहराई दुनियाभर में लोगों को चौंका रही है। इतना ही नहीं इस झील को दुनिया सबसे रहस्यमयी जगहों में शुमार किया जा चुका है।

 
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roopkund lake - फोटो : Indiahikes
हिमालय की गोद में बसी यह रहस्यमयी झील लोगों को डराती है। वैज्ञानिक भी इस झील के बारे में कई शोध कर चुके हैं। इस कारण यह दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में शामिल की जा चुकी है।
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roopkund
उत्तराखंड स्थित हिमालयी बेल्ट में मौजूद रुपकुंड झील में पांच सौ से ज्यादा कंकाल पाए जाने के लिए देश दुनिया में प्रसिद्घ है। यह जगह बेहद सुनसान है और हिमालय पर लगभग 16499 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

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roopkund - फोटो : amarujala
यह झील चारों ओर से ग्लेशियर और पहाड़ से घिरी है। इसके साथ ही यह झील ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्घ जगहों में से एक है। इस झील की गहराई दो मीटर के लगभग है।
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roopkund - फोटो : amarujala
यदि आपको एडवेंचर ट्रैकिंग पसंद है तो आप इस झील का रुख कर सकत हैं। रूपकुंड झील हिमालय के ग्लेशियरों के गर्मियों में पिघलने से बनने वाली छोटी सी झील है।
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roopkund - फोटो : amarujala
यहां बर्फ पिघलने के साथ ही कहीं पर भी नरकंकाल दिखाई देना आम बात है। यहां तक कि झील के अंदर देखने पर भी यहां नरकंकाल पड़े दिखाई दे जाते हैं।
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roopkund - फोटो : amarujala
इस झील में इतने सारे नरकंकाल कैसे आए इसके बार में कई कहानियां प्रचलित हैं। 1942 में हुए एक रिसर्च से कंकालों के इस राज से परदा उठ सकता है। रिसर्च के अनुसार ट्रैकर्स का एक ग्रुप यहां हुई ओलावृष्टि में फंस गया, जिसमें सभी की मौत हो गई। हड्डियों के एक्स-रे और अन्य टेस्ट्स में पाया गया कि हड्डियों में दरारें पड़ी हुई थीं जिससे पता चलता है कि कम से कम क्रिकेट की बॉल की साइज़ के बराबर ओले रहे होंगे।

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zxc
एक दूसरी कहानी के मुताबिक तिब्बत में 1841 में हुए युद्ध के दौरान सैनिकों का एक समूह इस रास्ते से गुज़र रहा था जो रास्ता भटककर खो गया। यहां मिलने वाली हड्डियों के बारे में यह कथा भी खूब प्रचलित है। स्थानीय लोगों के मानें तो उनके अनुसार एक बार एक राजा जसधावल था जो नंदा देवी की तीर्थ यात्रा पर निकला। उसको संतान की प्राप्ति होने वाली थी इसलिए वो देवी के दर्शन करना चाहता था। स्थानीय पंडितों ने राजा को इतने भव्य समारोह के साथ देवी दर्शन जाने को मना किया। इस तरह के जोर-शोर के समारोह से देवी नाराज़ हो गईं और सबको मौत के घाट उतार दिया।
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azsd - फोटो : g
राजा, उसकी रानी और आने वाली संतान को सभी के साथ खत्म कर दिया गया। मिले अवशेषों में कुछ चूड़ियां और अन्य गहने मिले जिससे पता चलता है कि समूह में महिलाएं भी मौजूद थीं। एक अन्‍य शोध से खुलासा हुआ है कि कंकाल मुख्‍य रूप से दो समूहों के हैं। इनमें से कुछ कंकाल एक ही परिवार के सदस्‍यों के हैं, जबकि दूसरा समूह अपेक्षाकृत कद में छोटे लोगों का है।
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