उत्तराखंड के मौजूदा चार विकेटकीपर बल्लेबाजों में से कोई एक विकेट के पीछे पूर्व कप्तान धोनी की जगह ले सकता है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
ऋषभ पंत
गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से तीन खिलाड़ी पूरी तरह से कुमाऊं से ताल्लुक रखते हैं, जबकि ऋषभ मूल रूप से कुमाऊं के हैं और वर्तमान में उनका परिवार रुड़की में रहता है। जहां तक माही की जगह के सबसे बड़े दावेदार की बात है तो पहला नाम आईपीएल 2018 के सिक्सर किंग ऋषभ पंत का है।
विज्ञापन
3 of 7
आर्यन जुयाल
- फोटो : SELF
पंत दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के अलावा दिल्ली रणजी टीम के लिए विकेट कीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा तीन और दावेदारों में उड़ीसा रणजी टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज शामिल हल्द्वानी के सौरभ रावत, आर्यन जुयाल और अनुज रावत शामिल हैं।
4 of 7
rishabh pant
ऋषभ पंत : अपनी धुआंधार बल्लेबाजी के लिए जाने वाले ऋषभ पंत का जन्म रुड़की में हुआ। ऋषभ का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब वह सचिन तेंदुलकर की तरह पिता राजेंद्र पंत की मौत के अगले दिन मैच खेलने के लिए मैदान पर पहुंच गए थे। विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ इस आईपीएल में सर्वाधिक 37 छक्कों की वजह से सिक्सर किंग के रूप में चर्चित रहे। ऋषभ को इस सीजन में एमर्जिंग प्लेयर का अवॉर्ड मिला। उन्होंने 684 रन 52.61 की औसत और 173.60 की स्ट्राइक रेट से बनाए। क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गज भी उन्हें धोनी का उत्तराधिकारी बता रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 7
Aryan Juyal
आर्यन जुयाल : भारतीय अंडर 19 विश्व विजेता क्रिकेट टीम के सदस्य आर्यन जुयाल मध्यमक्रम के बल्लेबाज के अलावा विकेट के पीछे कमाल की विकेटकीपिंग करते हैं। हल्द्वानी के डॉ. संजय जुयाल और डॉ. प्रतिमा जुयाल के बेटे की बचपन में प्रतिभा पहचानी कोच दान सिंह कन्याल ने। उन्होंने ही उसे बचपन में ट्रेंड किया। इसके बाद आर्यन की प्रतिभा को निखारा रवि नेगी और गौतम गंभीर के कोच संजय भरद्वाज ने। अंडर-19 बीनू मांकड़ ट्रॉफी और जोनल मैचों में पूरे सीजन में उनके नाम करीब 1500 रन हैं। विश्वकप की वजह से उन्हें यूपी की ओर से दो ही रणजी मैच खेलने को मिले, जिसमें 27 और 70 रन के अलावा विकेट के पीछे तीन कैच लपके हैं।
विज्ञापन
6 of 7
anuj rawat
अनुज रावत : दिल्ली की टीम में शामिल और श्रीलंका जाने वाली भारतीय अंडर 19 चार दिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनाए गए अनुज रावत भी विकेट कीपर के साथ सलामी बल्लेबाज हैं। पिछले दिनों अंडर 19 नार्थ जोन के पांच मैचों में एक दोहरा शतक, एक शतक के साथ 480 रन बनाने के अलावा करीब 15 शिकार उनके नाम हैं। अनुज के पिता वीरेंद्र पाल सिंह रावत ने बताया कि अनुज ने बचपन में रामनगर में सतीश पोखरियाल के अधीन क्रिकेट की ट्रेनिंग ली। इसके बाद अनुज दिल्ली चला गया और वहां की अंडर 16 टीम से शुरुआत की।
सौरभ रावत : हल्द्वानी से एक और विकेट कीपर बल्लेबाज का नाम इस फेहरिस्त में शामिल हैं। 21 वर्षीय सौरभ रावत ने भी क्रिकेट की बारीकियां दान सिंह कन्याल से सीखीं। इसके बाद वह बंगलूरू चले गए और वहां पर प्रशिक्षण के बाद उत्तराखंड लौट आए। एनएचपीसी में कार्यरत सौरभ के पिता आनंद सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड क्रिकेट को बोर्ड की मान्यता नहीं होने से सौरभ को वापस बंगलूरू भेजा, जहां से उसकी उड़ीसा की बोर्ड टीम में एंट्री हुई। सौरभ वर्तमान में उड़ीसा रणजी टीम के मध्यमक्रम की रीढ़ हैं।