देहरादून दून रेलवे स्टेशन में 100 करोड़ की लागत से हो रहे यार्ड विस्तारीकरण के कार्य में तेजी लाने के लिए रेलवे ने पांच ट्रेनों को कुछ समय के लिए दून के स्थान पर हरिद्वार रेलवे स्टेशन से चलाने की तैयारी की है।
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इसके लिए प्रस्ताव मंडल मुख्यालय को भेज दिया गया है। रेलवे बोर्ड से अनमुति मिलने के बाद ही तय होगा कि ट्रेनों का संचालन कितने दिनों के लिए बंद किया जाए। ऐसा होने पर दून स्टेशन से जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी।दून रेलवे स्टेशन को और सुविधाजनक बनाने व भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए पूरे यार्ड के विस्तारीकरण का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन ट्रेनों के संचालन के साथ यार्ड निर्माण कार्य तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है।
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इस स्थिति को देखते हुए रेलवे ने दून से चलने वाली पांच ट्रेनों को एक सप्ताह के लिए हरिद्वार से चलाने का प्रस्ताव मुरादाबाद डिवीजन को भेजा है। इसमें इलाहाबाद से चलने वाली लिंक एक्सप्रेस, हावड़ा-उपासना, गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस, मदुरई एक्सप्रेस व कोचिविली एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेन हरिद्वार तक ही आएंगी और वहीं से वापसी करेंगी।
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इस प्रस्ताव को यदि मंजूरी मिलती है, तो दून से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। स्टेशन अधीक्षक सीता राम सोनकर का कहना है कि यार्ड विस्तारीकरण कार्य के लिए कुछ ट्रेनों को हरिद्वार से चलाने का प्रस्ताव डिवीजन को भेजा गया। इस पर रेलवे बोर्ड ही फैसला लेगा।
मैनपुरी से होकर गुजरी पांच ट्रेनें
- फोटो : अमर उजाला
आवासीय भवन तोड़ने का काम तेज
रेलवे ने यार्ड विस्तारीकरण कार्य को 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी कई बार इस कार्य का निरीक्षण कर चुके हैं। स्टेशन से सटे रेलवे के करीब 65 आवासीय भवनों को खाली कर तोड़ने का काम चल रहा है। लेकिन अभी तक रेल लाइन को शिफ्ट करने का काम शुरू नहीं हो पाया है। वजह ये है कि स्टेशन में ट्रेनों को खड़ी करने के लिए जगह नहीं है। दून स्टेशन से अप और डाउन में 19 ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसी स्थिति में रेलवे के पास ट्रेनों का ब्लाक लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। रेलवे का प्रयास है कि शिफ्टों में ट्रेनों को बंद कर यार्ड विस्तारीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए।