आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध और हिजबुल कमांडर के जनाजे के दौरान पत्थरबाजी के मामले में वांटेड रहे दानिश अहमद के ये पांच राज आप नहीं जानते होंगे। तो चलिए हम आपको बताते है दानिश के बारे में...
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दानिश अहमद का देहरादून से भी कनेक्शन है। वह दून पीजी कालेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है।
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बकौल दानिश हिज्ब कमांडरों ने उसे उत्तरी कश्मीर के स्थानीय युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने की जिम्मेदारी दी थी। जिसे वह निभाने के लिए यहां रह रहा था।
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बता दें कि हाल ही में दक्षिणी कश्मीर के त्राल में हिज्ब कमांडर सब्जार भट के जनाजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पाउच और एक ग्रेनेड लिए युवक देखा गया था। जांच में पाया कि यह युवक दानिश अहमद है जो हंदवाड़ा के कुलगाम गांव का रहने वाला है।
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कश्मीरी छात्र दानिश को कश्मीर के ही दो छात्रों की सजगता से पकड़ा जा सका है। जनाजे में हाथ में ग्रेनेड लिए दानिश की तस्वीर एक समाचार पत्र में छपी थी। यह तस्वीर देखकर देहरादून में कश्मीर के दो छात्रों ने दानिश को पहचान लिया और कॉलेज के निदेशक डा. संजय चौधरी को सूचना दी।
उसका कहना है कि दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों से साथ कुछ समय बिताने के बाद उसे आतंकवाद में शामिल होने की गलती का अहसास हुआ। इसलिए वह दून में पढ़ने के लिए आया था।