दीप जलाओ शिक्षा का, घर-घर फैले उजियारा, अज्ञान खत्म हो हर कोने से, ऐसा हो पूर्ण प्रयास हमारा... पौड़ी जिले के चामी गांव में हर ओर ये पंक्तियां चरितार्थ होती दिखती हैं। यहां का हर बच्चा आज बिना आर्थिक तंगी के न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रहा है बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत हो रहा है।
चामी गांव की तस्वीर बदली है चामी टीनेजर्स क्लब ने। अपने नाते-रिश्तेदार और दोस्तों की मदद से क्लब चलाने वाले अरुण कुकसाल गांव के बच्चों को शिक्षित करने के लिए न सिर्फ आर्थिक मदद कर रहे हैं, बल्कि खुद भी उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि क्लब वर्तमान में गांव के करीब 32 बच्चों की शिक्षा का बीड़ा उठा रहा है। जबकि अभी तक 50 से ज्यादा बच्चों की मदद कर चुका है।
गांव की महिलाएं ही पढ़ा रही
उनके क्लब के साथ अभी तक 50 से ज्यादा युवा जुड़ चुके हैं, जिनमें उनके दोस्त-रिश्तेदार और साथ काम कर चुके अधिकारी भी हैं। संयुक्त प्रयासों से चामी गांव में बच्चों के लिए सीटीसी लाइब्रेरी, कंप्यूटर प्रशिक्षण और मिलन केंद्र का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। वहीं, क्लब की ओर से बच्चों के लिए ट्यूशन की भी व्यवस्था की गई है। गांव की महिलाएं ही पढ़ा रही हैं। दोपहर 3:30 से 5:30 तक क्लास चलाई जाती है। इसके बाद, आधा घंटा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम व ग्रुप डांस कराया जाता है।
गांव के विभिन्न विद्यालयों में इंटरमीडिएट तक की शिक्षा ग्रहण कर रहे सभी बच्चों की फीस, कापी, किताब और ड्रेस की व्यवस्था आडिमिया संस्था के माध्यम से करवाई जा रही है। इसके लिए संस्था उनके या अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि उपलब्ध करवाती है। साथ ही आकाशवाणी के माध्यम से बच्चों की वार्ता का प्रसारण, उनके लिए समर कैंप, योगा शिविर, रंगमंच, अभिनय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।