स्कूलों में पढ़ाने के बजाय दूसरे संवर्ग में तैनात प्रदेश के सैकड़ों शिक्षकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। करीब 500 शिक्षकों के डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) को सरकार ने निरस्त कर दिया है। साथ ही 31 मई 2018 तक डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को अपने मूल तैनाती स्थान पर कार्यभार करना होगा। बुधवार को सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेशों का अनुपालन न करने वाले शिक्षकों के जून का वेतन रोका जा सकता है।