आगामी 24 फरवरी को देहरादून की वादियों में प्रियंका, कैटरिना और दीपिका का स्वयंवर होने जा रहा है। स्वयंवर में आप सब भी आमंत्रित हैं।
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ग्रीन पीपल संस्था और उत्तराखंड भेड़ ऊन विकास परिषद ने उत्तराखंड में बकरी पालन को बढ़ाना देने को नई पहल की है। महाशिवरात्रि पर 24 फरवरी को टिहरी के पंतवाड़ी गांव में बकरियों के स्वयंवर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संस्था की पोषित बकरियां दीपिका, कैटरीना और प्रियंका अपने वर चुनेंगी।
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बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड भेंड़-बकरी ऊन विकास परिषद संस्था के साथ रणनीति भी बना रहा है। परिषद का मानना है कि पशु पालन से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पलायन भी रुकेगा।
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मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम संयोजक ग्रीन पीपल के रूपेश राय, उत्तराखंड भेंड़-बकरी ऊन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अविनाश आनंद, उद्यमी अजय घाले, सुभाष कुमार ने बताया कि 23 फरवरी को अलग-अलग गांवों के 15 बकरे पंतवाड़ी पहुंचेंगे।
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- फोटो : Getty Images
स्वयंवर में दुनिया भर के लोग शामिल होंगे। अपनी तरह के इस खास खास आयोजन में पांच सौ गांवों के लोग शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस आयोजन को पुष्कर मेले की तरह लोकप्रिय बनाना है। इससे बकरियों का नस्ल सुधार भी होगा। इस समय इनब्रीडिंग से बकरियां कम दूध दे रही हैं। उनका मांस भी गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रहा है। क्रास ब्रीडिंग से इनकी गुणवत्ता सुधरेगी।
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- फोटो : amar ujala
बोर्ड के सीईओ डॉ. अविनाश आनंद ने बताया कि बकरी के दूध की भारी मांग है। बकरी के दूध और दूध से बने चीज एवं पनीर की मांग लगातार बढ़ रही है। इस वजह से बकरी पालन सिर्फ मांस के लिए ही नहीं, बल्कि दूध के लिए भी बहुत लाभकारी रहेगा।
स्वयंवर की खास बातें
- 24 फरवरी को स्वयंवर में शिरकत करने वाले सभी 15 बकरों का होगा मंगल स्नान
- तीनों बकरियों का हल्दी, चावल के आटे, दही, गंगा जल से स्नान कराया जाएगा।
- तीनों बकरियों को वधू की वेशभूषा में विवाह पांडाल में लाया जाएगा।
- हर एक बकरी को पांच बकरों के साथ बाड़े में छोड़ा जाएगा।
- जो बकरी जिस बकरे पर सबसे ज्यादा आकर्षित होगी उसके साथ उसका स्वयंवर होगा।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक गीतों के बाद विदाई समारोह का आयोजन होगा।
- विवाह के अवसर पर दाल भात का भोज भी होगा।
- स्वयंवर समारोह में पशु पालन विभाग पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी करेगा।
- मेले की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की कोशिश