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देवभूमि की बेटी के हाथ से बने खास केक की दीवानी हैं ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन

Mon, 25 Dec 2017 02:18 PM IST
अंकुर शर्मा/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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haldwani shruti makes tasty cake - फोटो : idiva.com
देवभूमि की बेटी के हाथ से बने इस खास केक के स्वाद ने ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन को अपना दीवाना बना दिया। इसलिए शायद उन्होंने अपनी मां के जन्मदिन पर श्रुति द्वारा बनाया केक ऑर्डर किया।
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cake - फोटो : amar ujala
हल्द्वानी की बेटी श्रुति माहेश्वरी के हुनर का जवाब नहीं। लंदन में सीखी पाक कला का उन्होंने ऐसा जादू बिखेरा कि उनके चाहने वालों की आज एक बड़ी जमात है। उन्हें थीम केक बनाने में महारत हासिल है। वह कल्पनाओं को आकार देती हैं। यही वजह है कि इस बार क्रिसमस पर श्रुति को 150 किलो केक का ऑर्डर मिला है। श्रुति के मुताबिक इस बार सबसे ज्यादा पलम केक (रम से बनने वाले केक) का ऑर्डर आया है।

 
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cake - फोटो : amar ujala
मुंबई के पांच सितारा होटल में पेस्ट्री शेफ रहने के दौरान ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन की मां के जन्मदिन पर केक का ऑर्डर आया, जिसे श्रुति ने बनाया था। इस केक की सुष्मिता ने जमकर तारीफ की थी। हाइडिल गेट काठगोदाम निवासी प्रख्यात नृत्यांगना सुजाता माहेश्वरी और अनुज माहेश्वरी की बेटी श्रुति की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से हुई है। दिल्ली के आईपी विश्वविद्यालय से बीबीए करने के बाद उनका मन प्रबंधन के क्षेत्र में नहीं लगा। उन्हें बचपन से ही केक और पेस्ट्री बनाने का शौक था। इसी शौक को उन्होंने पेशा बनाने की ठान ली।

 

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cake - फोटो : amar ujala
इस पेशे को निखारने के लिए श्रुति ने लंदन के ली कार्डन ब्लू विश्वविद्यालय से पेस्ट्री शेफ का डिप्लोमा भी किया है। वहां उन्होंने पेस्ट्री और केक को स्वादिष्ट बनाने, नया प्रयोग करने का प्रशिक्षण लिया। श्रुति ने लंदन में एक मशहूर बेकरी में काम किया। जब वह भारत लौटीं तो उन्होंने मुंबई के एक पांच सितारा होटल में पेस्ट्री शेफ का काम किया। बाद में श्रुति ने अपनी जन्मभूमि को ही कर्मभूमि बनाने का फैसला किया और हल्द्वानी लौट आईं। वह अपने घर से ही केक  और पेस्ट्री बनाने का काम करती हैं। वह अदरक, दालचीनी, क्रेनबेरी डिलाइट से भी कुकी और चाकलेट बनाती हैं। रामनगर, नैनीताल, लालकुआं और हल्द्वानी के लोग उनसे केक बनवाते हैं। 
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cake - फोटो : amar ujala
थीम केक और पेस्ट्री बनाना ही श्रुति को दूसरों से अलग करता है। श्रुति को यह आइडिया तब आया जब 90 वर्षीय एक बुजुर्ग केक बनवाने के लिए आए। बुजुर्ग को किताबें पढ़ना, पाइप से सिगरेट पीना और चश्मा लगाना पसंद था। वह अपने 90 वें जन्मदिन पर कुछ इसी तरह का केक चाहते थे। इस पर श्रुति ने ऐसा ही केक तैयार करके दिया। फिर उन्होंने एक परिवार के लिए केक बनाया जिसे ताश और लूडो खेलना पसंद था। इसी थीम केक ने उन्हें शोहरत दिलाई।
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