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यादें: नवंबर में इस स्कूल में आने का वादा तोड़ गईं सुषमा, बच्चों के साथ बिताना चाहती थीं समय

Thu, 08 Aug 2019 05:11 PM IST
अलका त्यागी मनीष त्रिपाठी, अमर उजाला, विकासनगर(देहरादून) 
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उत्तराखंड में सुषमा स्वराज - फोटो : अमर उजाला
पूर्व विदेश मंत्री स्व.सुषमा स्वराज नवंबर में देहरादून में विकासनगर के सरस्वती विद्या मंदिर मांडूवाला के स्थापना दिवस पर आने का वादा तोड़ गईं। कभी बतौर राज्यसभा सांसद रहते हुए इस स्कूल के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की मदद देने वाली सुषमा ने नवंबर में यहां आने का न्योता स्वीकार कर लिया था, लेकिन इससे पहले ही उनका निधन हो गया।
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स्कूल के लिए दी थी सांसद निधि - फोटो : अमर उजाला
स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश मैंदोला ने बताया कि वर्ष 2004 में सुषमा स्वराज बतौर राज्यसभा सांसद क्षेत्र भ्रमण पर आई हुईं थीं। उन दिनों स्कूल की नींव डाली जा रही थी। उस वक्त उन्होंने स्कूल के भवन निर्माण के लिए अपनी सांसद निधि से 15 लाख रुपये दिए थे। 

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सुषमा स्वराज को श्रद्धांजति देतीं राज्यपाल बेबी रानी - फोटो : अमर उजाला
कुछ समय बाद जब स्कूल बनकर तैयार हो गया तो स्कूल का प्रतिनिधिमंडल इसके शुभारंभ के लिए उन्हें न्योता देने पहुंचा। लेकिन तब स्व.स्वराज ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि वो स्कूल के सीनियर सेकेंडरी में तब्दील होने पर यहां आएंगी और कुछ समय बच्चों के साथ बिताएंगी।

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परमार्थ आश्रम में सुषमा - फोटो : अमर उजाला
मैंदोला बताते हैं कि कुछ वर्षों बाद जब स्कूल उच्चीकृत हो गया तो पुन: स्वराज को यहां आने का न्योता दिया गया, जिसके बाद उन्होंने जल्द आने की बात कही। लेकिन अपनी व्यवस्ताओं के चलते वो यहां नहीं आ पाईं। अब नवंबर में स्कूल के स्थापना दिवस होने वाले समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था, उन्होंने न्योता स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई।
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एम्स की दी थी सौगात - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सुषमा स्वराज का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रदेश को ऋषिकेश एम्स उनकी ही देन है। अटल बिहारी वाजपेयी जब भारत के प्रधानमंत्री थे, उस समय स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने ही एम्स ऋषिकेश की नींव रखी थी। 
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