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पाक से बदले पर बोलीं पुलवामा हमले में शहीद वीरेंद्र की पत्नी, भारतीय सेना को दिया ये संदेश...

Wed, 27 Feb 2019 09:58 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा
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शहीद वीरेंद्र की पत्नी
पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा है...संतुष्टि मिली। बदला लिया है लेकिन पूरी संतुष्टि तब मिलेगी जब घुस-घुसकर सभी आतंकियों को खत्म कर दिया जाएगा। पाकिस्तान के पीओके में बम गिराकर जैश के आतंकियों के गढ़ों को तबाह करने की खबरें मिलते ही पुलवामा हमले के शहीद वीरेंद्र सिंह राणा के परिजनों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ नजर आते रहे। 
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शहीद वीरेंद्र सिंह (फाइल फोटो)
शहीद की पत्नी रेनू देवी ने भारतीय सेना को सलाम किया और संदेश दिया कि पाकिस्तान में घुस-घुसकर आतंकियों को और मारो। खत्म कर दो आतंकियों को...। मंगलवार को सुबह जैसे ही टीवी में पुलवामा आतंकी हमले के बदले में पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के अड्डों पर हमले की खबरें आने लगीं, मोहम्मदपुर भुड़िया स्थित शहीद वीरेंद्र सिंह राणा के परिजन भी खबरों को लेकर उत्सुक रहे। 
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air strike
घर पर आने वाले रिश्तेदार, पड़ोसी, परिजनों में बदले की कार्रवाई शुरू होने की चर्चा होती रही। बदले की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहीद वीरेंद्र की पत्नी रेनू देवी ने कहा कि खबर आ गई है-बदला लिया है, सब आतंकियों को मारो, पाकिस्तान में घुस-घुसकर मारो। थोड़ी संतुष्टि मिली है, पूरी तब मिलेगी जब सभी आतंकियों को पूरी तरह खत्म कर दोगे। 

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शहीद वीरेंद्र सिंह
शहीद के पिता दीवान सिंह राणा बोले-हां बदला लिया है पाक में घुस-घुसकर मारो, मसूद अजहर भी नहीं बचना चाहिए। शहीद के भाई राजेश सिंह राणा बोले-न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी, खत्म कर दो, नेस्तनाबूद कर दो आतंकियों के गढ़ को। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को भी खत्म कर दो। ग्रामीण रामेश्वर सिंह राणा भी अपने आप को नहीं रोक पाए। बोले-आतंकियों को खत्म कर दो। गांव के ग्रामीणों का ध्यान भी बदले की कार्रवाई पर ही अधिक नजर आया।
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शहीद वीरेंद्र सिंह
14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में शहीद 45 सीआरपीएफ के जवान वीरेंद्र सिंह राणा की शहादत के बाद 13वें दिन मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे उनका सामान लेकर उनके यूनिट का अधिकारी प्रेम चंद्र सामान लेकर घर पहुंचा। शहीद की पत्नी रेनू देवी ने दोपहर करीब ढाई बजे बताया कि बैग अभी नहीं खोला है। यूनिट के अधिकारी सामान देकर लौट गए हैं। परिजनों का ध्यान भारत सरकार की बदले की कार्रवाई की ओर अधिक नजर आया।
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