सोशल साइट्स पर जाने अंजाने में की गई गलती आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। इससे बचने के लिए इन बातों ख्याल जरूर रखें।
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सोशल साइट फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स एप पर चल रहे संदेशों को लाइक और टिप्पणी करने से पहले एक बार जरूर सोच लें, क्योंकि यह जल्दबाजी आपके लिए मुसीबत बन सकती है।
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कापी पेस्ट फार्मूले का उपयोग कर भ्रामक संदेशों को शेयर करने से लोग नहीं हिचकिचा रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस में 66 ए आईटी एक्ट का प्रयोग तो बंद हो गया है, लेकिन एक्ट के दूसरे प्रावधानों में पुलिस को कार्रवाई का अधिकार है।
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हरीश रावत
- फोटो : पीटीआई
प्रतिबंध किए गए पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट को बदलवाने के मामले में देहरादून में सीएम आवास से थैलों में नोट निकालने के भ्रामक प्रचार में कार्रवाई ताजा उदाहरण है। हालांकि पुलिस ने आईटी एक्ट के बजाए आईपीसी की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया है।
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फेसबुक
66 आईटी एक्ट में यह प्रावधान
सोशल साइट फेसबुक और व्हाट्स एप पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, फर्जी आईडी बनाने और फेसबुक पर लाटरी निकलने का लालच देना आदि मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें तीन साल की सजा और तीन लाख का जुर्माना हो सकता है।
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पॉर्न
- फोटो : getty
67 आईटी एक्ट में यह कार्रवाई
सोशल साइट पर फेसबुक आदि पर अश्लीलता फैलाने के मामले में कार्रवाई का प्रावधान है। इस एक्ट में पांच साल की सजा और पांच लाख रुपये के जुर्माने की व्यवस्था है।
सोशल साइट पर भ्रामक प्रचार करने वालों पर पुलिस नजर रखे हुए हैं। इसके लिए अलग से पुलिस का स्पेशल सेल गठित है। समय-समय पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
- डा. सदानंद दाते, एसएसपी