यमुनोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार शाम सीजन का पहला हिमपात हुआ। धाम में सप्तऋषि कुंड, कालिंदी पर्वत क्षेत्र में रविवार शाम से बर्फबारी शुरू हो गई।
विज्ञापन
2 of 5
snowfall
वहीं, देर शाम से जिले के निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश भी हुई, जिससे एक बार फिर से भूस्खलन और मार्गों के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। इस बीच, उत्तरकाशी में रतूड़ी सेरा के पास बंद हुआ गंगोत्री हाईवे बीआरओ ने 23 घंटे बाद आवागमन के लिए खोल दिया। हालांकि, पहाड़ी से हल्का अभी भी मलबा गिर रहा है। लिहाजा, बीआरओ की टीम मौके पर तैनात है।
विज्ञापन
3 of 5
badrinath highway
राजमार्ग बंद होने से प्रशासन की ओर से उत्तरकाशी की तरफ आ रहे वाहनों को संकूर्णधार-देवीधार मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया था। उधर, बदरीनाथ हाईवे रविवार को गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में पहाड़ी से आए मलबे के चलते बाधित रहा।
4 of 5
badrinath highway
हालांकि, 565 तीर्थयात्री पैदल ही बदरीनाथ धाम पहुंचे। हाईवे बंद होने की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी आशीष जोशी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एनएच के अधिकारियों को हाईवे को शीघ्र सुचारु करने का आदेश दिए।
इससे पूर्व लोनिवि की एनएच इकाई ने सुबह 10.30 बजे लामबगड़ में दो दिन से बंद हाईवे को सुचारु करा दिया था। उधर, चमोली जिले में दर्जनों सड़कें अभी भी बंद हैं। इससे गांवों में राशन और रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। इधर देवप्रयाग में नेपाली मूल का एक युवक भागीरथी में बहकर एक चट्टान से अटक गया जिसे आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद बचा लिया गया।