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भगवान शिव के धाम में बर्फबारी ने तोड़ा कई सालों का रिकॉर्ड, छिपने लगे तुंगनाथ-केदारनाथ मंदिर

Sun, 24 Feb 2019 10:06 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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snowfall, tungnath
तृतीय केदार तुंगनाथ सहित चोपता, दुगलबिट्टा में भी इस बार रिकार्ड बर्फबारी हुई है। यहां भी 7 फीट तक बर्फ जमी हुई है। साथ ही जिले के पांच हजार फीट ऊंचाई पर बसे गांव भी इस माह के पहले सप्ताह में बर्फ से लकदक हो गए थे। 
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snowfall, tungnath
आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था निम से जुड़े मनोज सेमवाल ने बताया कि बीते पांच-छह वर्षों में यह पहला मौका है, जब फरवरी माह में यहां 14 फीट तक बर्फ जमा हुई है। इससे पूर्व वर्ष 2015 जनवरी में केदारनाथ में 12 फीट से अधिक बर्फ जमा हुई थी।
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kedarnath, snowfall - फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ में बीते एक माह में रिकार्ड बर्फबारी हुई है। इससे पूर्व कभी भी फरवरी माह में धाम में14 फीट तक बर्फ नहीं जमी थी। यहां तक कि 17 किमी लंबे पैदल मार्ग पर भी 6 से 8 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिस कारण बीते एक माह से यहां आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है।

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kedarnath, snowfall - फोटो : अमर उजाला
मध्य हिमालय में स्थित भगवान आशुतोष के 12 ज्योर्तिलिंगों में ग्यारहवें केदारनाथ धाम में बीते एक माह में 8 बार भारी बर्फबारी हो चुकी है। जनवरी माह के पहले सप्ताह में ही धाम में ढाई से तीन फीट बर्फ जम चुकी थी। इसके बाद 21 से 23 जनवरी तक 36 घंटे तक लगातार बर्फ गिरती रही। इस दौरान 6 फीट से अधिक नई बर्फ जम चुकी थी। जबकि फरवरी माह के 22 दिनों में दस दिन केदारनाथ में बर्फ गिरी है, जिससे यहां जमा बर्फ 14 फीट तक पहुंच चुकी है। 
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snowfall/uttarakhand
आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग के भारी बर्फबारी के पूर्वानुमान के चलते बर्फ का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। आंकड़ों पर गौर करें तो बीते छह वर्षो में यह पहला मौका है, जब केदारनाथ में फरवरी माह में इतनी बर्फ जमा है। वर्ष 2015 में फरवरी में बमुश्किल तीन फीट बर्फ थी। तब, अप्रैल के पहले सप्ताह में भी तेज बर्फबारी हुई थी, जिस कारण कपाट खुलने के दिन 24 अप्रैल को भी धाम में बर्फ के ढेर नजर आ रहे थ। 
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snowfall/uttarakhand
यहां तक कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल रास्ते पर भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली व  छानी कैंप में ग्लेशियर जोन पर बर्फ काटकर आवाजाही कराई गई। वर्ष 2016 में कम बर्फबारी के कारण स्थिति सामान्य रही। वर्ष 2017 में फरवरी में धाम में सात फीट बर्फ थी। जबकि 2018 में इस दौरान सिर्फ ढाई फीट बर्फ जमा थी। लेकिन इस वर्ष जमा बर्फ ने भी नया रिकार्ड बनाया है। 
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