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उत्तराखंड में आई सर्दी की 'सुनामी', बारिश और बर्फबारी के बाद पड़ रही खून जमाने वाली ठंड

Fri, 14 Dec 2018 09:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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winter, rain - फोटो : अमर उजाला
लगातार तीन दिन हो रही बर्फबारी ने उत्तराखंड में सर्दी की 'सुनामी' ला दी है। यहां पहाड़ी और मैदानी इलाकों में खून जमा देने वाली ठंड पड़ रही है।
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जोशीमठ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पडने लगी है। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, औली, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी सहित नीती और माणा घाटी में बृहस्पतिवार को भी दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश-बर्फबारी से जिले में जबरदस्त ठंड पड़ रही है। औली में बर्फबारी का मजा लेने के लिए पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। जिले में शाम और सुबह सर्द हवाएं चलने से सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो गया है। जोशीमठ, गोपेश्वर, पोखरी, घाट, पीपलकोटी, नंदप्रयाग, थराली, देवाल, नारायणबगड़ और गैरसैंण क्षेत्रों में शाम को समय से पहले बाजारों में भी सन्नाटा पसर रहा है। लोग बाजार से आवश्यक सामग्री लेकर अपने घरों में दुबक रहे हैं।
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केदारनाथ धाम सहित मध्य हिमालय क्षेत्र की ऊंचाई वाली पहाड़ियों में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी हुई। जबकि निचले इलाकों में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। बृहस्पतिवार सुबह से ही मौसम खराब रहा। इस बीच केदारनाथ में बीच-बीच में बर्फ की फुंआरें गिरती रही। बीते तीन दिनों में हुई रुक-रुककर हुई बर्फ के चलते यहां आधा फीट बर्फ जम चुकी है। खराब मौसम के कारण यहां पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं। ऊखीमठ में मध्यम बारिश हुई। यहां चारों तरफ पहाड़ियों में हिमपात हुआ है, जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में हल्की बूंदाबांदी हुई। ठंड से बचाव के लिए नगर पालिका द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है। 

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नई टिहरी में मौसम की पहली बारिश से ठंडक बढ़ा दी है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लिया। बृहस्पतिवार को नई टिहरी, समेत आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई हल्की बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लिया। वहीं पालिका ने कमल चौराह और हनुमान चौक में अलाव जलाकर लोगों को ठंडक से राहत देने की कोशिश की। 
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उत्तरकाशी जिले में तीसरे दिन भी निचली घाटियों में रुक-रुक कर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। बारिश और बर्फबारी के बीच सर्द हवाओं के चलते जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जबर्दस्त शीतलहर के चलते जिले में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बृहस्पतिवार सुबह से जिले के आसमान में बादल छाने के साथ ही रुक-रुक कर बारिश की बौछारें पड़ीं। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत सुक्की, हर्षिल, धराली, खरसाली आदि समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। बारिश और बर्फबारी के साथ ही जिले में सर्द हवाएं चलने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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जिला मुख्यालय समेत निचली घाटी वाले क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 10 डिग्री तथा न्यूनतम शून्य डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। हर्षिल घाटी में तापमान माइनस में जाने के कारण बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। यहां प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी भी जमने लगा है। हर्षिल निवासी डा. नागेंद्र रावत ने बताया कि बर्फबारी और सर्द हवाओं के चलते यहां घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जल्द ही स्कूलों में परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतें होंगी। मौसम की बेरुखी के बीच अनियमित विद्युत आपूर्ति से भी परेशानी हो रही है।
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snowfall, kedarnath - फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ में बीते तीन दिनों में रुक-रुककर हुई बर्फबारी के चलते यहां आधा फीट बर्फ जम चुकी है। खराब मौसम के कारण यहां पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं।

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पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदले मौसम के मिजाज ने मुक्तेश्वर को ठिठुरा दिया है। दस साल बाद 13 दिसंबर को मुक्तेश्वर भी सबसे ठंडा रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान सामान्य से 11 तो न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

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बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदली थी। अधिकतम तापमान गिरने के कारण कड़ाके की ठंड का एहसास हुआ था। बर्फबारी होने के कारण मुक्तेश्वर में पारा धड़ाम हो गया। अधिकतम तापमान कई वर्षों के बाद 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 11 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम रहा। 

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नैनीताल के ऊंचाई वाले इलाकों के साथ ही जिले के मुक्तेश्वर, पहाड़पानी, धानाचूली, सुंदरखाल और चौरलेख में बुधवार रात से लेकर बृहस्पतिवार तक इस मौसम का पहला हिमपात हुआ। सैलानियों ने बर्फबारी का खूब आनंद लिया। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के निचले इलाकों में बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया।
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कपकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फ गिरी। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में दिन में बादल छाए रहने, बूंदाबांदी और हिमपात के चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दस वर्षों बाद 13 दिसंबर को मुक्तेश्वर सबसे ठंडा रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 11 कम तो न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम माइनस 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने पिथौरागढ़ में हल्की बारिश या बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे की संभावना जताई है।
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