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नींद में आते हैं खर्राटे तो खतरे में है आपकी जान!

Thu, 02 Jun 2016 10:06 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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snoring is dangerous - फोटो : concept photo
नींद में खर्राटों की समस्या को हल्के में लेना भारी भी पड़ सकता है। खर्राटों को खतरनाक ह्रदय रोगों का संकेत भी माना गया है। खर्राटों को ओएसए (ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया) बीमारी के नाम से जाना जाता है।
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snoring is dangerous - फोटो : amar ujala
इसकी एडवांस जांच के लिए श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में स्लीप स्टडी मशीन लगाई गई है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाकर उपचार किया जा सकता है।
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श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में स्लीप स्टडी मशीन का शुभारंभ श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ  मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डा. एनके सिंह और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. विनय राय ने किया। उन्होंने बताया कि ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया को सामान्य बीमारी मानकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

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शरीर की जो मांसपेशियां सामान्य तौर पर सांस के रास्ते को खोले रखती हैं, ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया उन मांसपेशियों में शिथिलता ला देती हैं। इससे सांस के रास्ते में रूकावट आ जाती है। दिक्कत बढ़ने पर मरीज की कुछ क्षणों के लिए सांस रूक जाती है जो बेहद खतरनाक लक्षण है।
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मनोरोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. शोभित गर्ग ने बताया कि यह अनिद्रा का सबसे बड़ा कारण है। कार्यक्रम में अनिल कुमार मेहता, डा. देव सिंह जंगपांगी, डा. अभिषम, डा. नीता गर्ग, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी समेत अन्य अधिकारी व स्टाफ मौजूद रहा।
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पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. जगदीश रावत ने बताया कि खर्राटे, मोटापा का लगातार बढ़ना, दिन में ज्यादा नींद आना, ड्राइविंग के समय सो जाना, सोते समय अचानक सांस रुकने के अहसास से नींद टूट जाना, सुबह उठने पर ताजगी महसूस न होना, चिडचिड़ापन व अत्याधिक थकान होना, सेक्स से विरक्ति, दवाईयों के बावजूद अनियंत्रित डायबिटीज़ (मधुमेह), छोटी व मोटी गर्दन वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
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