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फॉरेसिंक एक्सपर्ट की रिपोर्ट, सांप के काटने पर जहर से नहीं बल्कि इस वजह से मरते हैं 70% लोग

Sun, 18 Feb 2018 06:16 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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snake
सांप काटने से महज तीस प्रतिशत लोगों की मौत होती है, जबकि 70 फीसदी लोगों की मौत किसी और वजह से होती है।

 
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सांप
डॉक्टरों की मानें तो लोग सांप के काटते ही दहशत में जान गंवा देते हैं। सांप काटने के बाद हुई मौत के बाद सिविल लाइंस में कराए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। फॉरेसिंक एक्सपर्ट के मुताबिक कई बार सांप काटने पर उसका जहर इंसान के शरीर में प्रवेश नहीं करता। कई बार जिस सांप ने काटा है, उसकी विष ग्रंथि में जहर ही नहीं होता है।

 
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snake bite
कई बार सांप ही जहरीला नहीं होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में इंसान डर के कारण दम तोड़ देता है। अकेले रुड़की के जिला अस्पताल में महीने में सात से 10 सर्पदंश के मरीज पहुंचते हैं। डाक्टरों के मुताबिक ऐसे मामलों में सूझबूझ से इंसान की जान बचाई जा सकती है।

 

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सांप
विश्व में विभिन्न प्रजाति के साढे़ तीन हजार सांप पाए जाते हैं। भारत में 52 प्रजाति के जहरीले सांप पाए जाते हैं। इन प्रजातियों को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला इलैपिड, दूसरा विप्रराइड व तीसरा सी स्नेक। अलग-अलग प्रजाति के सांपों के जहर का असर शरीर के अलग अलग हिस्सों में पड़ता है। साथ ही लक्षण भी भिन्न-भिन्न होते हैं।
 
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सांप
एक्सपर्ट के अनुसार सांप काटने की दहशत से जो मरीज मरते हैं। पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर में कोई जहर नहीं मिलता। मौत का कारण हाई ब्लड प्रेशर निकलता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण इंसान को ब्रेन हैमरेज हो जाता है। कई बार इंसान का दिल काम करना बंद कर देता है। ऐसे में इंसान की मौत हो जाती है। सांप काटने का सदमा भी इंसान की जान लील लेता है।
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black cobra
सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति की जान सतर्कता व समय रहते उपचार उपलब्ध करा कर बचाई जा सकती है। सबसे पहले सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत करना होगा। मरीज को यह समझाने का प्रयास करना चाहिए कि जिस सांप ने काटा है वह जहरीला नहीं है। इसलिए उसे डरने की आवश्यकता नहीं है। जहां सांप ने काटा है उस जगह को साफ पानी या साबुन से धो देना चाहिए। साथ ही सर्पदंश के स्थान के पांच इंच ऊपर रस्सी या कपड़े से बांध देना चाहिए।
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black cobra
साथ ही रस्सी या कपड़े को हर आधे घंटे में एक मिनट के लिए खोलते रहना चाहिए। मरीज को सोने नहीं देना चाहिए। पीड़ित को शराब या अन्य मादक पदार्थ का सेवन नहीं करने देना चाहिए। मरीज के शरीर का जहर चूस कर निकालने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने वाले व्यक्ति के मुंह या गले में घाव होने पर जहर का असर उसके शरीर में कर सकता है। मरीज को जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। तीन से चार घंटे में सही उपचार मिलने पर इंसान की जान बचाई जा सकती है।
 
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black cobra
सर्पदंश के मामलों में सदमे और दहशत से मरने वालों की संख्या 50 से 70 प्रतिशत होती है। समय से उपचार मिलने व सूझबूझ से इंसान की जान बचाई जा सकती है।
डा. पीके अग्रवाल, फॉरेसिंक एक्सपर्ट
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