मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण और मालिकाना हक की मांग के समर्थन में पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में मलिन बस्तीवासियों ने रैली निकाल नगर निगम में जोरदार प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
2 of 6
slum
उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मलिन बस्तियों को निगम की ओर से भेजे जा रहे नोटिस को निरस्त करने की मांग की। पूर्व विधायक ने नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे को ज्ञापन देकर नोटिस जल्द वापस लेने को कहा। हजारों प्रदर्शनकारियों के नगर निगम पहुंचने के कारण पुलिस-प्रशासन सांसें अटकी रहीं और वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
3 of 6
protest
सोमवार को पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और मलिन बस्ती के करीब डेढ़ हजार लोग परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। इसके बाद सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई, जो लैंसडोन चौक, बुद्धा चौक होते हुए निगम पहुंची। यहां मलिन बस्ती के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
4 of 6
protest
रैली में शामिल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अतिक्रमण अभियान की आड़ में मलिन बस्तियों को उजाड़ने की साजिश चल रही है, जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा। मलिन बस्तियों को हटाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जानी चाहिए। पूर्व विधायक राजकुमार ने 2016 में मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण के लिए बने कानून को लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
5 of 6
protest
रैली का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि शहर में 129 और प्रदेश में 582 मलिन बस्तियां हैं, जो नगर पालिका, नगर निगम से सूचीबद्ध हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों के लिए सुधार, विनियमितीकरण पुनर्व्यवस्थापन विधेयक 2016 में पारित किया था। इसे पांच अगस्त 2016 को राज्यपाल ने भी स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद मलिन बस्ती के लोगों को मालिकाना हक देना शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों में विभिन्न विभागों ने विकास कार्य कराए हैं। ऐसे में इन बस्तियों को उजाड़ना ठीक नहीं है।