कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले। रुड़की से पत्नी और बेटे को लेकर बाइक से घर निकले कुलदीप को रास्ते में अपनी भाभी और दो बच्चों को बैठाते समय इसका जरा भी इल्म नहीं था कि उनके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। लेकिन मौत के चक्र ने तीन लोगों को अपना ग्रास बना लिया। पत्नी के साथ इकलौते बेटे की मौत से कुलदीप पर दुखों पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, भाई की पत्नी की मौत से उनके दोनों बच्चों के सिर से ममता का आंचल छिन गया।