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क्राइम पेट्रोल देख बहनों ने की भाई की हत्या, नशीली दवा खिलाकर बैग में डाला और गंगा में फेंका

Tue, 03 Dec 2019 11:53 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
बेहद भोली-भाली दिखने वाली दो बहनों के चेहरों के पीछे बेहद ही मझा हुआ अपराधी छिपा हुआ था। दोनों बहनों ने क्राइम पेट्रोल धारावाहिक देखकर खुद को कत्ल के लिए पूरी तरह से परिपक्व किया था। इसके बाद कनखल में घटी घटना की तरह ही हूबहू ताना बाना बुनकर वारदात को अंजाम दिया। एक, दो नहीं बल्कि तीन चार अलग-अलग कहानियां बुनकर इन क्रिमिनल माइंड किशोरियों ने पुलिस को भरसक गुमराह किया, लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज से सामना हुआ तब वह एकदम बिखरती ही चली गई। 
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कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि घटना के दिन आरोपी बहन ने भाई के दूध में नींद की गोलियां मिला दी थी। फिर दोनों बहनों ने सुबह के वक्त माता पिता के पास सो रहे भाई को उठा लिया और उसे कपड़े के थैले में डालकर घर से निकल गईं। एक बहन साइकिल पर सवार थी तो दूसरी हाथ में बैग लेकर पैदल-पैदल चल रही थी। रेलवे के लाल पुल के पास पहुंचकर उन्होंने बैग के साथ ही भाई को भी गंगनहर में फेंक दिया था। वारदात को अंजाम देकर वे दस मिनट के अंतराल में घर लौट आईं। परिजनों को विश्वास में लेकर जब किशोरियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने अपना गुनाह कुबूल लिया। 
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बेहद घनी आबादी से घिरी बस्ती में घर से किसी मासूम का गायब होना बेहद ही चौंकाने वाली बात थी। दूसरी खास बात यह थी कि मासूम की मां की जुबां पर जेठानी का ही नाम था। पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो जेठानी दूर दूर तक इस केस से जुड़ी नहीं दिखाई दी। ऐसे में पुलिस संपत्ति विवाद में मासूम के गायब होने में उसके अपनों का ही हाथ मान रही थी या फिर लग रहा था कि तंत्र मंत्र के नाम पर बच्चे को अगवा किया गया है। 

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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की तफ्तीश का फोकस इन दो पहलुओं पर ही था, चूंकि अपने ही संदेह के घेरे में थे लिहाजा पुलिस फूंक फूंककर कदम रख रही थी। इसी बीच एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने पुलिस की पूरी थ्योरी ही बदलकर दी। फुटेज में मासूम की बड़ी बहन और चचेरी बहन संदेह के घेरे में आ गई थी। अब सामने सवाल यह आ खड़ा हुआ था, किशोरियों से पूछताछ भला कैसे की जाए। ऐसे में पुलिस ने नाते रिश्तेदारों की मदद ली। नाबालिगों से सख्ती करना मुनासिब नहीं था। जब पुलिस का पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ तब भी दोनों बहनें बिलकुल नहीं डिगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
एकदम बिना डरे हिचके उन्होंने तीन-चार आमजन पर भाई के गायब होने का आरोप मढ़ दिया। फिर क्रॉस चेकिंग भी हुई। सारी कहानियां गलत निकली। आखिर में पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज दोनों बहनों के सामने रख दी। बकौल पुलिस मासूम भाई से बेहद नफरत करने वाली सगी बहन ही मास्टर माइंड निकली। उसी ने ही यह खौफनाक साजिश रची। किशोरी के एक चचेरे भाई का मनोरोग विशेषज्ञ से इलाज चल रहा है, उसे यह तक पता था कि भाई की मानसिक स्थिति बिगड़ने पर उसे नींद की गोली दी जाती है। 
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इसलिए चचेरी बहन की मदद से उसने छह गोलियां हासिल कर ली थी और दूध में मिला दी। संभवत कड़वा लगने पर भाई ने अधिक दूध नहीं पीया। ऐसे में मासूम की मौत की उम्मीद कम हो गई। बहन ने रात में भाई को उठाकर देखा तो वह जिंदा था। बकौल इंस्पेक्टर मास्टर माइंड बहन क्राइम पेट्रोल देखकर भाई के कत्ल के तरीके खोजती थी। इसी बीच किशोरी को कनखल में मां द्वारा बेटे को गंगा में फेंककर हत्या करने की घटना याद आ गई। उसी तरीके को अपनाकर किशोरी ने भाई के कत्ल की साजिश रची। हालांकि पुलिस जब पूछताछ के लिए किशोरियों के घर पहुंची तो दोनों बिलकुल सहज दिखी। पूछताछ के दौरान दोनों ने कई कहानियां गढ़कर गुमराह करना चाहा था, लेकिन आखिर में सच उगल दिया। 
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