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Navratri 2020: अष्टमी और नवमी का कन्या पूजन इस दिन करना होगा शुभ, इन बातों का भी रखें ध्यान

Thu, 22 Oct 2020 10:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार इस बार सप्तमी व अष्टमी एक दिन मिल रही हैं। साथ ही अष्टमी व नवमी भी शनिवार को संयुक्त रूप से पड़ रही है। ऐसी स्थिति में अष्टमी को सप्तमी के साथ मिलने वाली तिथि में कन्या पूजन करना उत्तम नहीं माना जाता है। हालांकि, शुक्रवार को अष्टमी पर महागौरी स्वरूप की पूजा कर व्रत रखा जा सकता है। 
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- फोटो : अमर उजाला
नवमी मनाने वाले लोग शनिवार को सिद्धिदात्री की पूजा करेंगे। डॉ. आचार्य सुशांत राज ने कहा कि जब अष्टमी व नवमी एक तारीख पर मिल रही होती हैं तो नवमी तिथि पर ही अष्टमी का कन्या पूजन श्रेष्ठ बताया गया है। इस बार आठ दिनों में नौ नवरात्र पड़े हैं। इस कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसे लेकर कई लोगों में असमंजस की स्थिति भी देखने में आ रही है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि अष्टमी का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा, लेकिन अष्टमी का कन्या पूजन एवं हवन शनिवार सुबह करना उत्तम रहेगा। शनिवार को ही नवमी कन्या पूजन भी होगा। 

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कन्याओं की आयु दो वर्ष से ऊपर तथा 10 वर्ष तक होनी चाहिए। इनकी संख्या कम से कम सात या नौ होनी ही चाहिए। कन्याएं कम हों तो दो कन्याओं को भी भोजन कराया जा सकता है। 
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- फोटो : अमर उजाला
इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बैठाएं। सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से धोएं। भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थय के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
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