रुड़की के ज्योतिषाचार्य रमेश सेमवाल ने बताया कि इस दिन भक्त सुख, संपत्ति, धन, के लिए पूजा अर्चना करते हैं। पूर्णिमा 23 अक्टूबर को रात 10.36 बजे से शुरू होगी और 24 अक्टूबर रात 10.14 बजे तक रहेगी। इसलिए पूर्णिमा का व्रत 24 अक्टूबर को किया जाएगा। इस व्रत को कोजागर व्रत एवं कौमुदी व्रत भी कहते हैं।