शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि जिस सुबह पेट्रोलिंग टीम रवाना हुई उसी रात हादसा हो गया और सभी जवान शहीद हो गए। बताया कि साल 2007 में वह सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए। अब इसे संयोग कहा जाए या फिर विधि का विधान, लेकिन वे आज भी सैन्य अधिकारियों के उस फैसले के बारे में अक्सर सोचते हैं।