पंडित विपिन चंद्र जोशी के मुताबिक साल 2018 में माघ के महीने में सात 'महासंयोग' बन रहे हैं। अगर आप इस तरह उपासना और दान करेंगे तो बेहद लाभ होगा।
विज्ञापन
2 of 7
makar sankranti
हिंदू पंचाग को अगर अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसान इस बार 2 जनवरी से 31 जनवरी तक कि अवधि माघ महीना की है। मान्यता है कि माघ में गंगा या नदियों में स्नान और दान करने से कई तरह के कष्टों और पाप से मुक्ति मिलती है। जनवरी में ऐसे ही सात महासंयोग पड़ रहे हैं। इन संयोगों में से दो संयोग निकल चुके हैं। पहला 12 जनवरी षटतिला एकादशी और दूसरा 14 जनवरी मकर संक्रांति।
विज्ञापन
3 of 7
मकर संक्रांति,
मंगलवार, 16 जनवरी, मगही अमावस्या: इसे कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या भी कहते हैं। ये तिथि अत्यंत पवित्र होती है। इसे पितरों के तर्पण का दिन माना जाता है। इस दिन त्रिवेणी संगम या गंगा में स्नान करने की परंपरा है। स्नान के बाद तिल के लड्डू, तिल का टेल, आंवला और कपड़ों का दान करना चाहिए।
4 of 7
सरस्वती शिशु मंदिर पक्की बाग में हवन करते लोग।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
सोमवार, 22 जनवरी, बसंत पंचमी : इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन केसरिया चावल के भोग लगाने का विशेष फल मिलता है।
विज्ञापन
5 of 7
ganga snan
बुधवार, 24 जनवरी, अचला सप्तमी: इस दिन सूर्य देवता को जल चढ़ाकर विशेष पूजा की मान्यता है। भगवान कृष्ण ने भी युधिस्ठिर को अचला सप्तमी का महत्व बताया था। मान्यता है कि इस तिथि पर स्नान, ध्यान, पितरों के तर्पण और सूर्य पूजा से पितरों को बैकुंठ मिलता है। इस दिन व्रत रखने से सालभर रविवार को रखे जाने वाले व्रतों के बराबर का पुण्य मिलता है।
विज्ञापन
6 of 7
tulsi
शनिवार, 27 जनवरी जाया एकादशी : इसे भीष्म एकादशी भी कहते हैं। इस दिन सूर्यास्त के समय तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए और भगवान् विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करणी चाहिए। इस दिन स्नान, ध्यान और पूजा से सारे पाप कट जाते हैं।
बुधवार, 31 जनवरी, माघी पूर्णिमा : इस दिन पूर्णिमा है और चंद्र ग्रहण भी रहेगा। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके गरीबों को दान करने का बेहद सुंदर फल मिलता है। माघी पूर्णिमा का महत्व सबसे ज्यादा माना गया है। माना जाता है कि इस दिन चन्द्रमा अमृत की वर्षा करते हैं। इस दिन स्नान दान करने से सूर्य और चन्द्रमा से जुड़े सारे दोषों से मुक्ति मिल जाती है।