शराब से मौत
इसमें एथेनॉल से मौत की संभावना नहीं होती जबकि मीथेनॉल फॉरमिक एसिड बनाता है, जो एक लेवल पर जाकर साइनाइड जैसे जहर की तरह काम करता है। वहीं, आईपीए में भी नशा होता है, लेकिन यह इतना खतरनाक नहीं होता, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर में कीटोन बना सकती है। शरीर की मैकेनिज्म के हिसाब से यदि कीटोन की मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह टॉक्सिक हो जाती है और अंतत: मृत्यु का कारण बन सकती है।