शिवमंदिर में जलाभिषेक
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वहीं, सावन की शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का दिन है। इसलिए शिवजी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत्त होकर शिवजी की पूजा करें। पूजा में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं।