सावन के एक महीने में भगवान शिव की आराधना कर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। यह माह माता पार्वती की पूजा के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इस महीने भोले बाबा और माता पार्वती अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। इस बार सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को होगा।
जबकि माह का समापन 15 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि इस बार सावन में चार सोमवार हैं। सोमवार को व्रत करने से भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है। जबकि मंगलवार का दिन माता पार्वती के लिए होता है।
इस बार शिवरात्रि 30 जुलाई को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार शिवरात्रि पर भोले बाबा को जल चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का शुभ मुहूर्त सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक होगा।
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कहा जाता है कि भोलेनाथ ने अपने ससुर महाराजा दक्ष प्रजापति से कहा था कि सावन महीने में वह कैलाश पर्वत से उतर कर दुनिया के हर शिवलिंग में वास करेंगे। इस दौरान कोई भी श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाएगा तो वह गंगाजल बनकर स्वयं शिव को प्राप्त होगा।
सावन शुरू होने के साथ ही द्रोणनगरी के शिवालयों की भव्य सजावट की गई है। मंदिरों में शिवालयों को फूल मालाओं व रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरि महाराज ने बताया कि सावन के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति के साथ मिलकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हर दिन मंदिर में भोले बाबा की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।