उत्तराखंड स्थित द्रोणगिरि पर्वत पर बर्फ की चादर हटते ही पुरातन ग्रंथों में वर्णित संजीवनी बूटी की तलाश शुरू हो जाएगी। इसके लिए आयुष विभाग ने शासन को 20 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इस संबंध में शासन पहले ही कमेटी गठित कर चुका है।
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पैसा न मिलने के कारण गर्मी का मौसम खाली निकल गया और विशेषज्ञों की टीम मौके पर नहीं जा पाई। मई में बर्फ पिघलने के बाद विशेषज्ञों की टीम द्रोणागिरी जाएगी।
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आयुष विभाग इसके पहले भी राज्य सरकार से पैसा मांग चुका है, लेकिन इस संबंध में बजट जारी न हो पाने की वजह से विशेषज्ञों की टीम द्रोणागिरी पर्वत तक नहीं जा सकी। जो परियोजना तैयार की गई थी, वह धरी रह गई।
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अब नए सिरे से इसकी कवायद शुरू की गई है। आयुष विभाग ने शासन से फिर पैसे मांगे हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी इस संबंध में सहयोग मांगा जा रहा है।
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बता दें कि पुरातन ग्रंथों में संजीवनी बूटी की विशेषताओं का जिक्र सुनकर देश के अलावा विदेशों की कंपनियां भी इसकी तलाश कर रही हैं।
सरकारी और निजी दोनों एजेंसियों ने इस संबंध में प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के विज्ञानी भी द्रोणागिरी और आसपास जड़ी-बूटियों की छानबीन कर रहे हैं।