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तोड़ा जा रहा सचिन के 'आशियाने' का दूसरा हिस्सा, पहले वाले में मिली थी ऐसी चीजें जो हैरान कर देंगी

Fri, 11 May 2018 04:41 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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sachin bank house
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के पसंदीदा अशियाने का दूसरा हिस्सा भी तोड़ा जा रहा है। जानिए पहले वाले हिस्से में ऐसा क्या मिला था जिससे हड़कंप मच गया था।
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sachin bank house
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के दोस्त और उद्योगपति संजय नारंग के भवन डेहलिया बैंक पर एक बार फिर लंढौर कैंट की जेसीबी गरजी। जेसीबी से भवन में किए गए अवैध निर्माण को धवस्त किया गया। कैंट बोर्ड की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में अफरातफरी मची रही। शनिवार को लंढौर कैंट की टीम ने नायब तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में धवस्तीकरण की कार्रवाई की। पूर्व में की गई कार्रवाई बाद बचे अवैध निर्माण को जेसीबी से धवस्त किया गया।
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sachin bank house
बता दें कि जब सचिन के आशियाने का अगला हिस्सा तोड़ा जा रहा था तो वहां एक बहुत बड़ा तहखाना निकला। इसके साथ ही वहां ऐसी चीजें मिली जिसे देखकर हड़कंप मच गया। जीओसी सब एरिया कमांडर मेजर जनरल जेएस यादव ने बताया कि वहां 45 हजार के फायर टेंक, गैस पाइप लाइन, पाइन की लाइन प्लांट, दर्जनों की संख्या में बैटरी, तीन बड़े आधुनिक जरनेटर मिले थे।

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dahlia bank house - फोटो : amar ujala
सामने आया था कि यह भवन आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। पूरे बंगले में उच्चकोटि के विदेशी कापर वायर लगाए गए हैं। भवन को मजबूती प्रदान करने के लिए लोहे के गार्डर लगाए गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर यहां रखे उपकरण फट जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।  यहां करोड़ों रूपये की लागत से इस सुरंग का निर्माण करवाया गया था। वहीं यह भवन भूकंपरोधी भी है। नौ रिएक्टर तक का भूकंप यह भवन आसानी से झेल सकता है।
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dahlia bank house - फोटो : ajay ramola/ amarujala, mussoorie
गौरतलब है कि उद्योगपति संजय नारंग के भवन डहलिया बैंक में अवैध निर्माण किया गया था। जिस पर छावनी परिषद ने ध्वस्तीकरण करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन संजय नारंग हाईकोर्ट चले गए थे, लेकिन वहां से छावनी परिषद के पक्ष में फैसला आया। उसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही बताया और भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। जिस पर पिछले साल विगत तीन अक्तूबर को छावनी परिषद् की ओर से संजय नारंग के भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई काफी दिनों तक चली थी। जिसमें मुख्य भवन और गेट तोड़ा गया था।
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dahlia bank house
दूसरे भवन को बचाने के लिए संजय नारंग फिर हाईकोर्ट चले गए। छावनी परिषद ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा और दस जनवरी 2018 को हाईकोर्ट ने छावनी परिषद के पक्ष में निर्णय दिया। अब स्टे खत्म होने पर शनिवार को डहलिया बैंक के शेष बचे अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नायब तहसीलदार दयाराम और पुलिस की मौजूदगी में शुरू की गई। छावनी परिषद के सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि छावनी परिषद ने हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई शुरू की है। बताया कि भवन का और भी हिस्सा अभी ध्वस्त किया जायेगा।
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