इसके बाद उसने ससुर के मकान के सामने ही जमीन लेकर मकान बना लिया था। नरेंद्र की दोनों सालियां भी संपत्ति में उसका (नरेंद्र) हक नहीं होने की बात कहा करती थी। ससुर हीरालाल की पैगा नगरी मीरगंज बरेली स्थित तीन बीघा जमीन और मकान था, जिसे नरेंद्र अपने नाम करना चाहता था लेकिन ससुर सहित चार ससुरालियों के जिंदा रहते यह संभव नहीं था।