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मोहन भागवत बोले, सच्चे मुसलमानों को नहीं लगता संघ से डर, और भी बहुत कुछ कहा...

Fri, 08 Feb 2019 09:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि सच्चे मुसलमानों को संघ से डर नहीं लगता। संघ राजनीतिक दल इसलिए नहीं है, क्योंकि राजनीति समाज को तोड़ती है। वे बृहस्पतिवार को विवि के कुलपतियों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों से चर्चा कर रहे थे।
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देहरादून में मोहन भागवत
पांच दिवसीय दून प्रवास के चौथे दिन शिक्षाविदों से चर्चा के दौरान उन्होंने कई प्रश्नों के उत्तर दिए। शिक्षाविदों ने पूछा कि संघ एक राजनीतिक दल क्यों नहीं है। इसके उत्तर में उन्होंने कहा कि राजनीति समाज को तोड़ती है। संघ का कुछ दलों का विरोध के प्रश्न पर संघ प्रमुख ने कहा कि यह उनसे पूछना चाहिए। स्वार्थ अथवा अज्ञान के कारण वे ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत विचारधारा वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, मुस्लिम लीग के लोगों की भी संघ सहायता करता है।
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मोहन भागवत
मुसलिम संघ को लेकर असहज क्यों हैं और वे भय क्यों खाते हैं, इस प्रश्न के उत्तर में संघ प्रमुख ने कहा कि सच्चे मुसलमानों को संघ से डर नहीं लगता। शिक्षाविदों ने उनसे पूछा कि संघ अपने कार्यों का प्रचार क्यों नहीं करता? जवाब में भागवत ने कहा कि संघ अपना कर्तव्य समझकर मातृभूमि की सेवा करता है, प्रसिद्धि के लिए नहीं। 

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देहरादून में मोहन भागवत
उन्होंने असम के एक प्रचारक का उल्लेख किया कि वे वृद्ध हो गए तो वे असम में ही रहे। नागपुर के लोगों ने उनका अभिनंदन करना चाहा, लेकिन वे नहीं गए। पिछले पांच दशकों में जनसंख्या वृद्धि का उपलब्ध संसाधनों पर दबाव का विश्लेषण होना चाहिए। उन्होंने जनसंख्या संतुलन पर जोर दिया।
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देहरादून में मोहन भागवत
संघ प्रमुख ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा व्यवसाय हो गई है और इसमें आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा देने की वकालत की जिससे वे कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बन सकें। साथ ही अभिभावकों से भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि संघ ने विद्या भारती, विद्यार्थी परिषद, भारतीय शिक्षक मंडल, शैक्षिक महासंघ के प्रयोग किए। 
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देहरादून में मोहन भागवत
विकेंद्रित योजना से शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाए जा सकते हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर कहा कि एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम 13 वर्ष पुराना है। मीडिया की शिक्षण संस्थानों को लेकर यह धारणा है कि लड़के वहां तोड़फोड़ करते हैं, इस पर संघ प्रमुख ने कहा कि जो एक प्रतिशत खराब हैं, उन्हें 99 प्रतिशत सही लोग रोकेंगे।
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