देहरादून में मोहन भागवत
संघ प्रमुख ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा व्यवसाय हो गई है और इसमें आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा देने की वकालत की जिससे वे कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बन सकें। साथ ही अभिभावकों से भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि संघ ने विद्या भारती, विद्यार्थी परिषद, भारतीय शिक्षक मंडल, शैक्षिक महासंघ के प्रयोग किए।