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Chamoli: सड़क भी अधूरी, रिश्ते भी अधर में...बनते-बनते बिगड़ जा रही बारकोट गांव में युवाओं की शादी की बात

Thu, 13 Nov 2025 11:59 AM IST
रेनू सकलानी दीपक कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली)

सार

चमोली के बारकोट गांव में लोगों को सड़क और दुल्हन दोनों का इंतजार है। सड़क अधूरी होने से रिश्ते भी अधर में हैं। 

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नारायणबगड़ के ग्राम पंचायत किमोली के बारकोट गांव में नहीं पहुंची सड़क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत किमोली का बारकोट तोक राज्य बनने के 25 साल बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। सड़क की असुविधा युवाओं के रिश्ते में रुकावट बन रही है। गांव के सात से आठ युवा कुंवारे है। रिश्ते के लिए यदि बात हो भी जाए तो सड़क असुविधा की बात किए कराए पर पानी फेर दे रही है।

ऐसे में युवाओं को सड़क और रिश्ते का इंतजार बरकरार है।बारकोट गांव में वर्तमान में 25 परिवार निवास करते है। ग्रामीण पिछले कई वर्षों से लगातार सड़क की मांग करते आ रहे हैं लेकिन ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को गांव से मुख्य सड़क आगर तक पहुंचने के लिए चार से पांच किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती हैं।

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पैदल सामान लेकर जाते गांव के लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह कनेरी ने कहा कि सड़क के मामले को जिले के सर्वाेच्च सदन में भी उठाया गया है। ग्रामीण पंचम सिंह भंडारी बताते हैं कि उनके बेटे के लिए कई रिश्ते ढूंढ़ लिए हैं लेकिन लड़की पक्ष को सड़क न होने का पता लगने पर वे शादी से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में सड़क के साथ-साथ बेटे की शादी का इंतजार भी करना पड़ रहा है।

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पैदल जाते ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

गुड़गांव में नौकरी करने वाले 26 वर्षीय युवक अनिल सिंह के अनुसार पिछले दो साल से लगातार परिवार वाले रिश्ते देख रहे हैं। थराली, नौटी आदि जगह रिश्ता देखने भी गए थे। लड़की पक्ष के लोग पूछते है कि गांव से कितनी दूर है सड़क, जब उनको गांव तक सड़क न होने का पता लगता है। तो वे रिश्ता करने से मुकर जाते हैं।

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ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

27 वर्षीय राकेश सिंह दिल्ली में जॉब करते हैं। वह बताते हैं कि गौचर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण कई जगह लड़की देखने गया हूं लेकिन हर बार सड़क न होने की वजह से रिश्ता नहीं हो पाता है। पिछले दो साल से परिवार वाले कई रिश्ते ढूंढ़ते थक गए हैं। पता नहीं कब सड़क बनेगी और कब रिश्ता होगा।

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सामान के साथ इतना लंबा सफर तय करना चुनौती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारकोट गांव की सड़क को पीजीएजीएसवाई के चौथे चरण के लिए भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। सड़क के लिए डीपीआर बनने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी। जल्द ही अन्य सड़कों के लिए भी तेजी से काम हो रहा है। -भूपाल राम टम्टा, विधायक थराली।
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