जया किशोरी
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इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन साधकों को संबोधित करने पहुंची थीं। कहा कि गुरु का काम व्यक्ति को भगवान से जोड़ने का है, न कि खुद से, लेकिन आज गुरु स्वयं को भगवान से ज्यादा समझने लगे हैं। यह स्थिति धर्म और आध्यात्म के लिए खतरनाक है।