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44 घंटे बाद खुला बंद पड़ा ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे, लेकिन अभी भी खतरे से खाली नहीं आवाजाही

Sat, 15 Jun 2019 10:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरेंद्रनगर (टिहरी)
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गंग्रोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला
मलबा आने से बंद पड़ा ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 44 घंटे बाद खुल पाया है, लेकिन अभी भी वहां पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी का स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया जाता है, तो बारिश में राजमार्ग में परेशानी बढ़ सकती है। 
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गंग्रोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
दो दिन से बंद राजमार्ग पर यातायात बहाल होते ही पेट्रोल के टैंकर अपने गंतव्य को रवाना हुए, जिससे शुक्रवार सुबह पेट्रोल पंपों पर वाहनों की काफी भीड़ रही। ऋषिकेश-चंबा-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार सुबह चार बजे नरेंद्रनगर बाईपास में भारी भूस्खलन होने से बंद हो गया था। 
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गंगोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मलबा हटाने के लिए कई जेसीबी और पोकलैंड मशीनें लगाई गई, लेकिन मलबा हटाते ही फिर से पहाड़ी दरकने से समस्या बढ़ती गई। दो दिन लगातार मलबा हटाने के बाद बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे राजमार्ग पर यातायात बहाल हो पाया। मार्ग खुलते ही वहां फंसे पेट्रोल-डीजल के टैंकरों को रवाना किया गया। 

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गंगोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पेट्रोल पहुंचने की सूचना मिलने पर चंबा, नई टिहरी, पीपलडाली, घनसाली, चमियाला और लंबगांव पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह काफी भीड़ देखी गई। नरेंद्रनगर बाईपास में दो दिन बाद मार्ग तो खोल दिया गया है, लेकिन खतरा अभी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां पर शीघ्र ही स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया जाता है, तो बारिश में फिर से भूस्खलन होने की संभावना है।
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गंगोत्री हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
नरेंद्रनगर बाईपास में पहले से ट्रीटमेंट कार्य चल रहा था। वहां पर 30 मीटर का ही हिस्सा बचा था कि बुधवार सुबह भारी भूस्खलन हो गया। मलबा हटाने के बाद फिर से स्थायी ट्रीटमेंट का काम शुरू किया गया। बरसात से पहले काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
-कैलाश जोशी, ईई, लोनिवि एनएच खंड
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