एम्स मोर्चरी के बाहर रोती बिलखती बड़ी बहन
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चुनौती बन गई थी गिरफ्तारी
सुरेश हत्या के बाद से ही शातिर अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा था। उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था, जिससे उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही थी। तब पुलिस ने सुरेश के गांव पहुंचकर उसके सारे रिश्तेदारों और उनके शहरों की एक सूची तैयार की। सभी रिश्तेदारों के आवासों और आसपास के क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। इसके साथ ही सुरेश की तलाश सीसीटीवी कैमरे और अपने मुखबिर तंत्र पर केंद्रित कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज से दिल्ली तक जाते उसे देखा गया। जानकारी जुटाने पर पता चला की छुटमलपुर (सहारनपुर) में सुरेश की बहन रहती है। उसके यहां जाने की संभावना थी। दिल्ली से पता चला कि वह सहारनपुर की ओर गया है। सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र के सहयोग से सुरेश को छुटमलपुर से पकड़ा गया। पत्रकार वार्ता में एएसपी पूर्णिमा गर्ग, कोतवाल केसी भट्ट आदि मौजूद रहे।