शुक्रवार को रूद्रप्रयाग में हादसे का शिकार हुई बोलेरो का अलकनंदा में गिरने का कारण ड्राईवर की नींद बन गया। वाहन चलाते समय उसे नींद की झपकी आई और बोलेरो नदी में जा गिरी। जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अभी भी लापता है।
विज्ञापन
2 of 5
accident
चालक रात को एलएंडटी कंपनी में नौकरी करता था। पुलिस के वाहन के पीछे से चल रही प्राइवेट कार चालक द्वारा भी हादसे की स्थिति के बारे में बताया गया है, जिससे यह संभावना अधिक है कि हादसे का कारण नींद आना ही है।
विज्ञापन
3 of 5
accident
पुलिस द्वारा प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन चालक द्वारा चढ़ाई पर होने के बावजूद पहले वाहन को पिलर पर टकराया। इसके बाद वाहन का आगे का हिस्सा सड़क के ऊपर की तरफ और पिछला हिस्सा सड़क के नीचे की तरफ आ गया था।
4 of 5
accident
इस पर, चालक द्वारा फस्र्ट गियर में गाड़ी उठाने का प्रयाय किया गया। लेकिन, ब्रेक पर पैर रखने के बजाय संभवत: पैर एक्सीलेटर पर रख गया, जिससे वाहन खाई में गिरकर नदी में समा गया। हादसे का प्रमुख कारण वाहन चालक को नींद की झपकी आना ही माना जा रहा है।
चालक लंबे समय से सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना की निर्माणदायी कंपनी एलएंडटी में रात की नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि सुरेश लाल द्वारा पूर्व में भी तीन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हाे चुके थे।