हल्द्वानी में सिलेंडर ब्लास्ट की असली वजह से सामने आ गई है। इस लापरवाही के चलते सिलेंडरों से भरे ट्रक आग के हवाले हो गया। तस्वीरें देखिए...
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प्रतीकात्मक फोटो
सोमवार दोपहर को एक 80 सिलेंडर धमाके के साथ फट गए। डेढ़ घंटे बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। धमाकों के कारण ब्रिटिशकालीन पुल को भी क्षति पहुंची है। इसके चलते ज्योलीकोट-अल्मोड़ा-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सप्ताह के लिए यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया है। हादसे में चालक सहित तीन लोग झुलस गए। ट्रक में करीब 228 घरेलू और छह व्यावसायिक सिलेंडर थे।
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- फोटो : amarujala
सोमवार दोपहर ट्रक यूके 04सीए 4374 मोटाहल्दू स्थित गोदाम से गैस सिलेंडर लेकर कपकोट-भराड़ी जा रहा था। ज्योलीकोट के समीप वीरभट्टी के ब्रिटिशकालीन पुल के ऊपर से गुजरते समय लगभग 11 बजे ट्रक में शार्ट सर्किट से आग लग गई।
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चालक जगदीश निवासी ग्राम बसोली सोमेश्वर, परिचालक नन्हे निवासी गहबरा थाना मीरगंज बरेली और गोविंद सिंह निवासी भगर कपकोट ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग बोनट से होते हुए टायरों तक पहुंच गई। यह देख तीनों लोग वाहन को बीच पुल पर छोड़कर भाग खड़े हुए।
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आग पकड़ने से एक के बाद एक सिलेंडर विस्फोट के साथ हवा में करीब 50-50 मीटर तक उछलने लगे। इससे आसपास के लोग सहम गए और उन्होंने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर ज्योलीकोट चौकी पुलिस पहुंची लेकिन भीषण आग के आगे बेबस हो गई।
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करीब डेढ़ घंटे बाद नैनीताल से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। इस दौरान एआरटीओ हरवीर सिंह और सीएफओ संजीव कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों, पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया। आग बुझाने के प्रयास में परिचालक भी बुरी तरह झुलस गया। जबकि चालक जगदीश और गोविंद आंशिक रूप से झुलसे हैं। उनका गेठिया सेनेटोरियम में प्राथमिक उपचार किया गया।
अग्निकांड के बाद पुल का एक छोर क्षतिग्रस्त हो गया है। सीओ हरीश सती और एनएच कुमाऊं के चीफ इंजीनियर एजाज अहमद ने बताया कि पुल की हालत को देखते हुए एक सप्ताह के लिए इस पर यातायात बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञों की टीम आकर पुल का मुआयना करेगी। तब तक वाहनों को वाया भीमताल या नैनीताल होते हुए अल्मोड़ा, रानीखेत जाना होगा।