सुगम चार धाम यात्रा के दावे जोर-शोर से किए जा रहे हैं, मगर हकीकत मत पूछिए। बदरीनाथ धाम तक पहुंचना यात्रियों के लिए किसी कठिन इम्तिहान से कम नहीं है। रास्ते में जगह-जगह सुकून देती व्यवस्था नहीं हैं। इसकी जगह है अव्यवस्थाओं का आलम।
अमर उजाला संवाददाता प्रमोद सेमवाल ने रविवार को गोपेश्वर से बदरीनाथ धाम पहुंचने के लिए एक आम यात्री की तरह जिन कठिनाईयों को झेला, उसको हम आपके सामने हुबहू रख रहे हैं।
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मैं बदरीनाथ धाम जाने के लिए सुबह साढे़ सात बजे गोपेश्वर से रवाना हुआ। पीपलकोटी तक की यात्रा बेहद अच्छी रही। हाइवे एकदम साफ। न कहीं जाम, न कोई दूसरी परेशानी। पीपलकोटी से आगे एकाध जगह जाम मिला, लेकिन ये हल्का जाम था। यात्रा पर निकलते वक्त ऐसे जाम अपेक्षित माने जा सकते हैं।
यहां तक की यात्रा सुगम मान सकता हूं, मगर जोशीमठ से तीन किलोमीटर पहले तेलंग हमें आगाह कर देता है कि इम्तिहान के लिए अब तैयार हो जाओ। तेलंग में नौ बजे पहुंचा। यहां सड़क पर वाहन फंसे हुए थे। कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार दिखाई दी। जाम हटाने की कोशिश में पुलिस के दो और आईटीबीपी का एक जवान दिखाई दिया। करीब आधे घंटे तक इंतजार यहां पर अन्य यात्रियों के साथ किया। जैसे तैसे जाम खुला, तो तब जाकर जोशीमठ पहुंचना हुआ।
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- फोटो : amarujala
दस बज रहे हैं। मैं इस वक्त जोशीमठ में हूं। यहां से बदरीनाथ जाने के लिए दूसरी जीप में बैठ गया हूं। जैसे ही जीप ने रफ्तार पकड़ी, एक किलोमीटर आगे जाने पर फिर से जाम के दर्शन हुए। इस बार का जाम जबरदस्त दिखा। जहां तक सड़क पर नजर गई, सिर्फ और सिर्फ फंसे हुए वाहन ही दिखाई दिए। सारे वाहनों का रुख बदरीनाथ की तरफ का था। विपरीत दिशा से कोई वाहन नहीं आ रहा था। एक सिपाही मिला, तो उसने बताया कि हाथी पर्वत पर वन वे ट्रैफिक किया गया है और बदरीनाथ से आने वाली गाड़ियों को छोड़ा जा रहा है। इन वाहनों की संख्या सात सौ करीब बताई गई।
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जाम में फंसे रहने के दौरान यात्रियों से उनके अनुभव जानने की कोशिश की, तो पता चला कि किस कदर चार धाम यात्रा व्यवस्था को लेकर उनमें नाराजगी है। दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र से आए दीपक और अशोक से बातचीत का सिलसिला शुरू किया। उन्होंने बताया कि बदरीनाथ हाईवे के बंद होने की सूचना पर वे केदारनाथ निकलना चाह रहे थे। फिर सूचना आई कि सब कुछ ठीक हो गया है, तो वे बदरीनाथ के लिए निकल पडे़, मगर यहां पर अव्यवस्था लगातार बनी हुई है। साथ में बैठे हिमाचल से आए जमना प्रसाद को भी मैने टटोलने की कोशिश की। 68 साल के जमना प्रसाद अपनी पत्नी को यात्रा पर लेकर आए हैं। वे काफी परेशान दिखे। उन्होंने बताया कि गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ वे हो आए हैं। सभी जगह जाम की एक सी स्थिति दिखाई दी है।
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जोशीमठ से एक किलोमीटर आगे के एक स्थान पर अब भी वाहन फंसे हुए हैं। बताया गया है कि हाथी पर्वत पर कुछ सुधारीकरण कार्य चल रहा है। मारवाड़ी में भी कुछ वाहन फंसे हुए हैं। 12 बजे बदरीनाथ से वाहनों का काफिला आता हुआ दिखाई देता है। करीब एक घंटे तक वे हमारे पास से गुजरते हैं। एक घंटे के बाद हमारी जीप के पहिये में कुछ हरकत होती है। इस वक्त एक बजे रहे हैं। आधे घंटे बाद फिर से ट्रैफिक रोक दिया जाता है। बताया गया कि संकरे रास्ते की वजह से एक स्थान पर वाहन क्रास नहीं हो पा रहे है। यहां पर चार पांच पुलिस कर्मी व्यवस्था संभालते हुए नजर आए। करीब दो बजे बदरीनाथ के लिए वाहनों को यहां से रवाना किया गया। अब मारवाड़ी पुल आ गया है। यहां पर से वाहन रेंग रेंग कर आगे बढ़ रहे हैं। मारवाड़ी में लोगों को खाने पीने के लिए रुके हैं। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद ये ही वो जगह है, जहां पर भूख-प्यास मिटाने के साधन मौजूद हैं।
हाथी पर्वत के उस तीन सौ मीटर के क्षेत्र में अब भी काम चल रहा है, जहां पर बीते दिनों भूस्खलन ने यात्रा रोक दी थी। यहां पर अब भी मिट्टी भरान का कार्य चल रहा है। साढे़ चार बजे हैं। बीआरओ और पुलिस ने फिर से एक बार यहां पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। आधा घंटा काम चलता रहा। पांच बजे फिर से बदरीनाथ के लिए मेरी यात्रा शुरू होती है। हमारे साथ वाहनों का पूरा काफिला बदरीनाथ की तरफ बढ़ा चला जा रहा है। विष्णुप्रयाग से गोविंद घाट तक तीन किमी तक बद्रीनाथ से आने वाले वाहनों की लाइन लगी है। गोविंद घाट के आगे का रास्ता एकदम खाली दिखता है। लामबगड़ तक का सफर आराम से कट जाता है। लामबगड़ में फिर से पुलिस ट्रैफिक पर ब्रेक लगा देती है। इस बार संकरी सड़क जाम का कारण बनी है। करीब आधा घंटा यहां पर रुकना पड़ता है। लामबगड़ पार करने के बाद साफ सुथरी सड़क दिखती है। अब हम लामबगड़ से 13 किलोमीटर आगे देवदर्शनी पहुंच गए हैं। यहां से बद्रीनाथ धाम के दर्शन हो रहे हैं। अब बस बदरीनाथ धाम कुछ ही दूरी पर है। साढे़ छह बज रहे हैं। मैं अब बदरीनाथ धाम में पहुंच गया हूं।