गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के मुख्य गेट पर अभाविप कार्यकर्ता व आइसा कार्यकर्ताओं में जमकर लात घूंसे चले। आइसा कार्यकर्ता रामजस कालेज विवाद में अभाविप का पुतला फूंकने के साथ ही नारेबाजी कर रहे थे, जिस पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
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- फोटो : amar ujala
इस दौरान दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं में हुई नोक-झोंक मारपीट में बदल गई। बाद में दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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बता दें कि शनिवार को आइसा कार्यकर्ता छात्रा प्रतिनिधि शिवानी पांडे के नेतृत्व में बिड़ला परिसर गेट के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभाविप का पुतला दहन कर रहे थे।
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तभी आइसा कार्यकर्ताओं ने अभाविप के विरोध में नारेबाजी करना शुरु कर दिया । वहां मौजूद अभाविप के कुछ कार्यकर्ताओं ने जब इसका विरोध किया तो दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं में नोक-झोंक शुरू हो गई।
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विवाद इतना बढ़ा कि कार्यकर्ताओं में जमकर लात घूंसे चलने लगे। बाद में दोनों पक्षों ने कोतवाली में आकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत ले ली गई है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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वामपंथी छात्र संगठन समाप्ति के कगार पर हैं। यह इनकी बौखलाहट है। ये लोग देश विरोधी गतिविधियों से प्रसिद्ध होना चाहते हैं। शनिवार को भी आइसा कार्यकर्ता विवि गेट के समक्ष भारत तेरे टुकड़े होंगे, कश्मीर की आजादी चाहिए जैसे नारे लगा रहे थे। जब हमने जवाब में वंदे मातरम व भारत माता की जय के नारे लगाए तो आइसा कार्यकर्ता उग्र हो गए और अभाविप कार्यकर्ताओं को उकसाने लगे। फिर हाथापाई शुरू कर दी।
सुधीर जोशी, प्रदेश मंत्री अभाविप
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हम लोग शांति पूर्वक ढंग से बिड़ला परिसर गेट के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। अचानक वहां अभाविप के कार्यकर्ता पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। अभाविप कार्यकर्ता गुंडा-गुर्दी पर उतर आए। भारत माता की जय बोलने के बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने आइसा की छात्रा कार्यकर्ताओं के साथ भी अभद्रता की।
शिवानी पांडे, नगर अध्यक्ष आइसा
वार्षिकोत्सव संपन्न होने के बाद शनिवार को बिड़ला परिसर में अवकाश घोषित किया गया था। अभाविप व आइसा कार्यकर्ताओं के भिड़ने की जानकारी नहीं है।
प्रो. एचबीएस चौहान, मुख्य नियंता गढ़वाल विवि।