बंशीनारायण मंदिर
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मंदिर को लेकर दो मान्यताएं हैं। एक मान्यता है कि देवताओं के आग्रह पर भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर दानवीर राजा बलि का घमंड चूर किया था। तब राजा बलि ने पाताल में जाकर विष्णु भगवान की कठोर तपस्या की थी। प्रसन्न होकर विष्णु ने बलि को वरदान मांगने को कहा तो बलि ने उन्हें अपना द्वारपाल बनने का आग्रह किया था, जिसे भगवान ने स्वीकार कर लिया और वे राजा बलि के साथ पाताल लोक में चले गए।