भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 22 अगस्त रविवार को है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक कर उसके हाथों पर रेशम की डोर से बनी राखी बांधती हैं।
भाई भी इस प्रेम के बदले अपनी बहन को अपनी जेब अनुसार उपहार भेंट कर उनकी आजीवन रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। लेकिन इस राखी को बांधने के लिए शुभ मुर्हूत का होना बहुत ही जरूरी है।
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ज्योतिषाचार्य आचार्य पंकज पैन्यूली ने बताया कि 22 अगस्त रविवार को भद्रा समाप्त होने के बाद सुबह 6:15 बजे मातंग और शोभन योग से राखी पर्व विशेष योगकारक बन रहा है। जो शाम 5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस बीच बहन अपने भाई की कलाई पर कभी भी राखी बांध सकती हैं। शुभ मुर्हूत में राखी बांधना विशेष फलदायी होता है।