जिस जगह एक ही दिन में दो दर्जन से ज्यादा जिंदगियां जान गवा चुकी, वहां बारिश ने और परिवारों की खुशियां उजड़ने से बचा ली। एक दिन पूर्व बारिश ने मौत के कहर को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।
विज्ञापन
2 of 6
शराब से मौत
बृहस्पतिवार की शाम हुई बारिश के कारण बिंडूखड़क, बाल्लुपुर आदि गांवों के ग्रामीण घरों में कैद हो गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौसम साफ होता तो मौत का कहर कितने घरों को उजाड़ देता, इसके बारे में अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
विज्ञापन
3 of 6
शराब से मौत
बताया जा रहा है कि बाल्लुपुर और बिंडूखड़क आदि गांवों में कच्ची शराब का मोटा कारोबार होता है। अवैध शराब बेचने वालों में गांव के ही कई लोग भी शामिल हैं। दिन ढलते ही गांव में लोग निर्धारित स्थानों पर जाकर शराब पीते हैं। बृहस्पतिवार शाम को भी कुछ ऐसा ही होने वाला था।
4 of 6
शराब से माैत
ग्रामीणों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम बारिश शुरू हो गई। कुछ ग्रामीण बारिश रुकने का इंतजार करते रहे, लेकिन रात (करीब दस बजे) तक बारिश न रुकने पर वे इंतजार कर खाना खाने के बाद सो गए।
विज्ञापन
5 of 6
शराब से माैत
सिविल अस्पताल पहुंचे बिंडूखड़क के ग्रामीणों ने बताया कि यदि बारिश समय से रुक जाती तो मौतों का यह आंकड़ा कहीं अधिक होता, क्योंकि इन दोनों गांवों में काफी लोग शराब के आदी हैं।
ग्रामीणों का कहना था बृहस्पतिवार रात उनके पड़ोस के कई लोग यही कहते रहे कि बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। शराब लेने जाएं तो कैसे। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे कई लोग थे, जो बारिश के कारण शराब लेने बाहर नहीं निकले और उनकी जान बच गई।