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इमारत में घुसकर आतंकियों के मंसूबों की पोल खोल देगा पुष्पक ड्रोन, ऐसे करता है 'जासूसी'

Mon, 01 Jul 2019 08:46 AM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
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पुष्पक ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
इमारत में छिपकर हमले करने के आतंकियों के मंसूबे अब कामयाब नहीं हो पाएंगे। हल्द्वानी के दो युवाओं अविनाश और मानस ने 80 मिमी का ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो कि चुपचाप इमारत के भीतर घुसकर वहां की पूरी जानकारी दे देगा। खास बात यह है कि दोनों युवाओं ने सफलतापूर्वक देहरादून में स्टार्टअप शुरू किया था जिसका टर्नओवर महज सात माह में लाखों पर पहुंच चुका है। 
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पुष्पक ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी निवासी अविनाश चंद्र पाल और मानस उपाध्याय ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय से बीटेक किया। इसके बाद नौकरी करने के बजाय उन्होंने नौकरी देने की सोच को आगे बढ़ाया। इसके लिए डी टाउन रोबोटिक्स के नाम से सात दिसंबर 2018 को स्टार्टअप की शुरुआत की। उनका मकसद है बाजार में उपलब्ध महंगे चाइनीज ड्रोन के बजाय इंडियन सस्ते ड्रोन बनाना।
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पुष्पक ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
इसमें पहली सफलता मिली है 80 मिमी के पुष्पक ड्रोन के रूप में। बीएसएफ के अधिकारियों की मदद से अपने इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के बाद अब यह बाजार में उपलब्ध होने जा रहा है। अविनाश ने बताया कि इस ड्रोन का खास मकसद यह है कि ताज हमले, कश्मीर में घरों में छिपकर हमले करने वाले आतंकियों की लोकेशन आसानी से ट्रेस हो सके। लिहाजा, उन्होंने ड्रोन की आवाज, साइज और स्पीड पर काम किया है।

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पुष्पक ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
साइलेंट मोड में चलने वाला यह ड्रोन 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक किलोमीटर दायरे तक बिल्डिंग सर्विलांस कर सकता है। इसके कैमरे के जरिये लाइव वीडियो देखी जा सकती है। अविनाश ने बताया कि इस तकनीकी को आगे बढ़ाने में बीएसएफ के सेकेंड कमांडिंग ऑफिसर मनोज पैन्यूली ने काफी मदद की है। अभी तक बाजार में बिकने वाले ज्यादातर ड्रोन चाइनीज हैं और महंगे हैं। लिहाजा, अविनाश और मानस ने अपने इन ड्रोन की कीमत 30 प्रतिशत कम रखी है। इसका मेंटिनेंस भी काफी कम है। 
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पुष्पक ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
कंपनी के निदेशक अविनाश और मानस का कहना है कि वह सरकार के अलग-अलग विभागों की जरूरतों के हिसाब से ड्रोन तैयार करने पर भी काम कर रहे हैं। ड्रोन को कस्टमाइज करने के लिए रिसर्च विंग भी स्थापित की है। कंपनी में ग्राफिक एरा विवि के ही पूर्व छात्र गगन बंसल व दिव्यम कुमार बतौर मार्केटिंग अफसर जुड़े हुए हैं। कंपनी में वर्तमान में दो कर्मचारी काम कर रहे हैं। 
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