केदारनाथ विधायक मनोज रावत, भगवानपुर की विधायक ममता राकेश, जसपुर विधायक आदेश सिंह चौहान, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, गरिमा दसौनी आदि ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। वही डिमरी पंचायत के प्रवक्ता पंकज डिमरी व भाकपा माले के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि श्राइन बोर्ड मंदिरों की स्वायत्ता पर हमला है। पूर्व में अंग्रेजों और मुस्लिम शासकों द्वारा भी इस तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं। बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित आचार्य नरेशानंद नौटियाल और धार्मिक पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने कहा कि बोर्ड के गठन को लेकर सरकार ने सभी को अंधेरे में रखा है।