martyr major vibhuti
यहां भी सफलता नहीं मिली तो ग्रेजुएशन करने लगे। ग्रेजुएशन के बाद दोनों ने मिलकर सीडीएस परीक्षा देनी शुरू की। चार बार परीक्षा दी। लेकिन, सफलता नहीं मिली। प्रयास खत्म हो गए तो अरुण ने प्रयास बंद कर दिए। लेकिन, विभूति के प्रयास जारी रहे।