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#Pulwama: पंचतत्व में विलीन हुए शहीद मोहन लाल, चेहरा तक नहीं देख पाए परिजन, बेहद दुखद

Sun, 17 Feb 2019 09:37 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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martyr mohal lal raturi
पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के एएसआई मोहन लाल रतूड़ी (53) को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। श्रद्धांजलि देने उमडे़ लोगों ने मोहन लाल अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद के साथ खून का बदला खून से लेने की आवाज उठाई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत समेत सैकड़ों लोगों ने रतूड़ी की शहादत को सलाम किया। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर पत्नी और बड़ी बेटी बेसुध हो गई। 
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आतंकी हमले में शहीद मोहन लाल रतूड़ी का परिजन चेहरा तक नहीं देख पाए। सीआरपीएफ के जवानों को पहले से यह हिदायत दी थी कि पार्थिव शरीर के दर्शन न करने दिया जाए। काफी देर तक पत्नी और बेटियां एक बार शहीद का चेहरा दिखाने की जिद करती रही, लेकिन साथ आए सीआरपीएफ के जवानों ने इससे इंकार कर दिया। बाद में कुछ लोगों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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पुलवामा में बृहस्पतिवार को आतंकी हमले में शहीद मोहन लाल के पार्थिव शरीर को लेकर सीआरपीएफ के अधिकारी शनिवार सुबह सात बजकर बीस मिनट पर विद्या विहार फेज दो स्थित आवास पर पहुंचे। शहीद का शव आते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी सरिता, बेटी अनसुइया, वैष्णवी, गंगा और दोनों बेटों के अलावा अन्य परिजन शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखते रहे। बाद में शहीद के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि के लिए पार्क में रखा गया। जहां पर मातमी धुन के साथ शहीद मोहन लाल को अंतिम सलामी दी गई।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक विनोद चमोली, मसूरी क्षेत्र के विधायक गणेश जोशी, कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के अलावा पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शहीद मोहन लाल को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान वंदेमातरम और मोहन लाल अमर रहे का उद्घोष होता रहा। आक्रोशित लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खून का बदला खून की आवाज उठाई। शहीद मोहन लाल की अंतिम यात्रा सुबह दस बजे हरिद्वार के लिए रवाना हुई। काफी दूर तक लोग शहीद मोहन लाल अमर रहे का उद्घोष करते हुए चलते रहे।  
 
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सेना जल्द देगी दुश्मनों को करारा जवाब
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। सेना जल्द ही दुश्मनाें को करार जवाब देगी। देश की सेना पूरी तरह सक्षम है। केन्द्र सरकार ने सेना को कार्रवाई की खुली छूट दे दी है। सरकार पूरी तरह शहीदाें के परिवार के साथ खड़ी है। सरकार शहीद के आश्रितों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि पुलिस भी शहीद के परिवारों हर संभव आर्थिक मदद करेगी। 
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पिता की शहादत का बदल
बेटी गंगा रतूड़ी का कहना था कि पिता की शहादत का बदला लेने के लिए वह सेना में जाने का प्रयास करूंगी। सीमा द्वार स्थित केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा बारह की छात्रा गंगा ने कहा कि पहले से उसकी इच्छा सेना और पुलिस में जाने की है। पिता की शहादत के बाद वो अब पूरी तरह सेना में जाने पर फोकस करेगी। बेटी अनुसुइया का कहना था कि वो तो काफी समय से पिता पर वीआरएस लेने का दबाव बना रहे थे। वे सुरक्षा बल का हिस्सा बताकर समय से पहले आने को तैयार नहीं थे, क्याेंकि उनके अंदर राष्ट्र भक्ति कूट-कूट कर भरी थी। 
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शहीद एएसआई मोहन लाल रतूड़ी का अंतिम संस्कार आक्रोश और गमगीन माहौल में हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर किया गया। उनके बड़े पुत्र शंकर ने शव को मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के जमकर नारे लगाए। इस दौरान सीआरपीएफ के कमांडेंट दिनेश उनियाल के नेतृत्व में गार्ड से सलामी दी और विधानसभाध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सतपाल महाराज, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक एवं अन्य विधायकों और मेयर ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को श्रद्घांजलि दी।  
 
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बनकोट में होगी पूरी क्रियाएं
शहीद मोहन लाल रतूड़ी का हरिद्वार में अंतिम संस्कार के बाद दूसरी क्रियाएं अब पैतृक गांव बनकोट उत्तरकाशी में होगी। दामाद सर्वेश कुमार नौटियाल ने बताया कि रविवार सुबह पूरा परिवार देहरादून से बनकोट के लिए प्रस्थान करेगा। बाकी क्रियाएं अब गांव में पूरी की जाएगी।
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