प्रदेश में इंजीनियरिंग, प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई इस साल से महंगी हो सकती है। सात साल बाद प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति ने सभी कॉलेजों से शुल्क संबंधी प्रस्ताव मांगे हैं।
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यह प्रस्ताव प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों के संबद्ध कॉलेजों से मांगे गए हैं। उत्तराखंड में वर्ष 2010 के बाद इंजीनियरिंग व प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस नहीं बढ़ी है।
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प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की नोडल अधिकारी डा. अंजू अग्रवाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कुमाऊं विवि, श्रीदेव सुमन विवि, तकनीकी विवि, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विवि, आयुर्वेद विवि के संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण अधिनियम के तहत शुल्क का निर्धारण किया जाना है।
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इसके लिए सभी कॉलेजों से उनकी सुविधाओं के मुताबिक फीस का स्ट्रक्चर मांगा गया है। इस आधार पर समिति कॉलेजों का कोर्सवार शुल्क निर्धारित करेगी।
करीब सात साल के बाद शुल्क में यह बदलाव होने जा रहा है। लगातार कॉलेज शुल्क बढ़ाने की मांग उठाते आ रहे थे। नए सत्र में होने वाले दाखिलों से बढ़ी हुई फीस लागू हो जाएगी।